रिपोर्टर डॉ. सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले की सबसे बड़ी व्यावसायिक नगरी तहसील इटारसी के एकमात्र रेलवे स्टेशन के नजदीक सबसे पुराने बस स्टैंड को बंद कर अब करीब 3 किलोमीटर दूर बैतूल रोड पुरानी इटारसी में ट्रैक्टर स्कीम की भूमि पर करीब एक वर्ष पूर्व तैयार किए नया बस स्टैंड से बसों के परिचालन के निर्देश आरटीओ द्वारा दिए गए हैं। इसके बाद से इटारसी में बस यात्रियों को हो रही दिक्कतों को लेकर खासा हड़कंप मचा हुआ है। आम नागरिकों की मांग है कि नए बस स्टैंड के साथ ही पुराने बस स्टैंड पर बसों को 5 मिनट की पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था पुनः प्रारंभ किया जाए। जिससे महिलाओं, बुजुर्गों, मजदूर, किसानों, सब्जी बेचने वाले, दुकान और व्यापार करने वाले, ग्रामीण अंचलों से आने वाले स्कूल कॉलेज छात्र छात्राओं, छोटे व्यापारी, आम नागरिक इत्यादि को करीब 3 किलोमीटर दूर की ऑटो से आवाजाही और आर्थिक समस्या से निजात मिल सके। इस उक्त गंभीर विषय को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी ने पुराने बस स्टैंड पर 5 मिनट के पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था की मांग को लेकर जन आंदोलन छेड़ रखा है। जिसका उन्हें सभी लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यहां तक की नगर के व्यापारियों ने दीपावली के ऐन मौके पर मंगलवार को इटारसी बाजार भी बंद रखकर समर्थन दिया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किए जाने पर आंदोलनकारी गजानन तिवारी द्वारा नर्मदापुरम में पत्रकार वार्ता कर बुधवार को नर्मदा नदी के पोस्ट ऑफिस घाट पर शांतिपूर्वक जल सत्याग्रह करने की घोषणा की है। श्री तिवारी ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से प्रशासन से मांग रखी है कि इटारसी के पुराने बस स्टैंड पर 5 मिनट की बस की पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था अपना प्रारंभ करने पर उचित निर्णय अविलंब लिया जाए। प्रस्तावित शांतिपूर्वक जल सत्याग्रह के लिए नियमानुसार अनुमति प्रदान कर संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जावे। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न करना नहीं बल्कि जनहित की आवाज को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्वक तरीके से शासन प्रशासन तक पहुंचाना है।
वहीं मामले में सूरज प्रकाश अग्रवाल वरिष्ठ अधिवक्ता एवं परिवहन विशेषज्ञ ने बताया कि आर. टी. ओ. (RTO) को बस स्टेण्ड निर्धारण करने एवं संचालन करने संबंधी आदेश देने की शक्तियां, मोटर यान अधिनियम एवं मध्य प्रदेश मोटर यान नियम के अंतर्गत प्राप्त नहीं है और यदि RTO द्वारा कोई आदेश किया गया है तो वह अधिकार विहीन होने से, उसका कोई वैधानिक अस्तित्व नहीं है और उसका पालन किया जाना जरूरी नहीं है, साथ ही कोई भी आदेश एवं नियम बनाने की शक्तियां म० प्र० शासन एवं उसके विभाग के प्राधिकारी में निहित है इसलिए बस स्टेण्ड नियत करने का अधिकार एवं शक्तियां सिर्फ म० प्र० शासन को है और उसका राजपत्र में प्रकाशन किया जाना भी अनिवार्य है। और RTO सक्षम प्राधिकारी नहीं है, सिर्फ अधिकारी है। और अधिकारी को कोई भी नियम बनाने की शक्तियां नहीं होती और ना कोई संकल्प पारित करने का अधिकार है। बस को पर मिट्टी करने का अधिकार राजस्व कमिश्नर को है।


