कटनी। शासकीय महाविद्यालय विजय राघवगढ़ में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्य डॉ अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग के अंतर्गत कम समय में बनने वाली जैविक खाद काप्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के क्रम में संजीवकखादऋषि कृषि एवं पंचगव्य खाद के निर्माण एवं फसलों में उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। इन खादो के उपयोग से भूमि में सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में बढ़ोतरी भूमि की उर्वरक शक्ति में सुधार फसल उत्पादन एवं उसकी गुणवत्ता में वृद्धि फसलों में कीट एवं रोग कम लगते हैं पंचगव्य को बनाने के लिए देसी गाय का ताजा गोबर 5 किलोग्राम गोमूत्र 3 लीटर कच्चा दूध 2 लीटर दही 2 लीटर देसी गाय का घी 500 ग्राम गुड 500 ग्राम एवं 12 पके हुए केला लेकर प्लास्टिक के एक ड्रम में 18 दिन तक छाया में रखकर लकड़ी के डंडे से दिन में दो बारहिलाते हैं। पंचगव्य के तीन प्रतिशतघोल से बीज एवं जड़ उपचार फल पेड़ पौधों और फसल पर छिड़काव सिंचाई के पानी के साथ फसल में प्रवाहित करना तथा बीज भंडारण के लिए पंचगव्यखाद का उपयोग करने का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।


