सुनिऐ ग्रामीण की जुबानी
बरसात खत्म होते ही बंद हो जाती है जलापूर्ति, शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर
ढीमरखेड़ा। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बम्हनी के ग्राम बनेहरी में ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई पानी की टंकी अब सुविधा के बजाय मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी में लीकेज है और भराव के दौरान जगह-जगह से पानी रिसकर आसपास के घरों तक पहुंचता है। गांव में बिछाई गई पाइपलाइन भी कई जगह क्षतिग्रस्त है, जिससे पानी घरों में घुस रहा है। इससे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक टंकी बस्ती के बीच बनाई गई है। टंकी के पास कराया गया बोरवेल भी सफल नहीं हुआ। नतीजा यह है कि बरसात के दिनों में ही जलापूर्ति चालू रहती है और बारिश खत्म होते ही पानी बंद हो जाता है। ग्रामीणों को योजना का नियमित लाभ नहीं मिल रहा है।
लागत बोर्ड नहीं, निर्माण पर उठ रहे सवाल
टंकी निर्माण में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार टंकी के पास लागत बोर्ड नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों को यह जानकारी तक नहीं मिल पा रही कि निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत कितनी है और इसे किस एजेंसी ने कराया है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और खर्च की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतें होती रहीं, कार्रवाई नहीं हुई
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी और पाइपलाइन की समस्या को लेकर सरपंच और संबंधित अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। मामले की जानकारी बड़वारा विधायक को भी दी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार विधायक ने शीघ्र सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बड़े हादसे की आशंका, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से घरों में पानी घुसने और टंकी के लीकेज के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि किसी हादसे से पहले जिम्मेदार विभाग को जागना होगा। ग्रामीणों ने टंकी और पाइपलाइन की तकनीकी जांच, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, असफल बोरवेल का समाधान और नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है। इन ग्रामीणों ने समस्या उठाई अजुमुदीन, राहुल, रामफल यादव, छकौड़ी कोरी, रूपलाल, चमन, प्रकाश, बाल गोविंद, गुड्डू चौधरी, मनीष, नितराम, राजकुमार, फतिया, ताराबाई, चंदाबाई, राजकुमारी, रंजना, कल्पना सहित अन्य ग्रामीण।, रिपोर्टर सत्येंद्र , बर्मन


