80 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र के बावजूद लाभ से वंचित, पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
कटनी/बड़वारा। जनपद पंचायत बड़वारा अंतर्गत ग्राम पंचायत करौंदी कला निवासी 36-37 वर्षीय आदिवासी दिव्यांग रमेश कुमार कोल, पिता विश्राम कोल, बीते कई वर्षों से दिव्यांग साइकिल पाने के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। 80 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र होने के बावजूद अब तक साइकिल नहीं मिलने से शासन की दिव्यांग कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया गया कि रमेश कोल वर्ष 2016-17 से साइकिल के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान वे बड़वारा, बरही और कुटेश्वर में आयोजित दिव्यांग शिविरों में पहुंच चुके हैं। इसके बाद चौथी बार बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयुध निर्माणी कटनी एवं यंत्र इंडिया लिमिटेड के निशुल्क ट्राई साइकिल वितरण शिविर में उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन यहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
मामले में ग्राम पंचायत करौंदी कला के सरपंच-सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब एक दिव्यांग व्यक्ति वर्षों से योजना का लाभ पाने के लिए प्रयास कर रहा था, तो उसका प्रकरण संबंधित विभाग तक किस स्तर पर पहुंचाया गया और यदि दस्तावेज या पात्रता में कोई कमी थी, तो उसे दूर कराने के लिए पंचायत स्तर से क्या पहल की गई?
बताया गया कि शिविर में अन्य दिव्यांग हितग्राही भी मौजूद थे, लेकिन विभिन्न नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर कुछ लोगों को लाभ नहीं मिल सका। ऐसे में सवाल यह है कि दिव्यांगों के लिए आयोजित शिविर यदि पात्र हितग्राहियों को ही लाभ नहीं दिला पा रहे हैं, तो फिर इन शिविरों का उद्देश्य आखिर कैसे पूरा होगा?
अब निगाह प्रशासन पर है कि क्या रमेश कुमार कोल सहित अन्य पात्र दिव्यांगों की समस्या की जांच कर उन्हें नियमानुसार उनका हक दिलाया जाएगा, या फिर वे दिव्यांगता प्रमाण पत्र लेकर वर्षों तक सरकारी शिविरों के चक्कर काटते रहेंगे।


