कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के पत्र से सामने आई प्रक्रिया, स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल
कटनी जिला स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स द्वारा विगत 16 सितंबर 2026 को जारी पत्र में विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में कंपनी ने बताया है कि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यालयों में डेटा एंट्री ऑपरेटर, कुक, हेल्पर, स्वीपर, सपोर्ट स्टाफ, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं मल्टीटास्क वर्कर सहित विभिन्न पदों पर सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवेदन एवं वांछित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।जिसमे कुछ दस्तावेज अपूर्ण होने की बात भी पत्र में कही गई है।
कंपनी ने सभी संबंधित कर्मचारियों से 7 दिन के भीतर दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र के अनुसार दस्तावेज प्राप्त होने के बाद नियमानुसार प्रोबेशन अवधि के लिए नियोजन किया जाएगा तथा इसके बाद तीन माह के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा ।
अब सबसे बड़ा सवाल—भर्ती से पहले दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई,,,? इस
पूरे मामले में सवाल यह उठ रहा है कि यदि कर्मचारियों की भर्ती और पदस्थापना पहले ही की जा चुकी है, तो दस्तावेजों का सत्यापन बाद में क्यों कराया जा रहा है,? भर्ती प्रक्रिया में पात्रता, चयन का आधार, मेरिट, आवेदन और दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई l वहीं, भर्ती में पैसे के लेन-देन के आरोप भी चर्चा में हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता हुई है या नहीं।
जांच हुई तो खुल सकता है पूरा सच,,
मामले में भर्ती से संबंधित आवेदन, चयन सूची, नियुक्ति आदेश, एजेंसी को दिया गया कार्यादेश/टेंडर, अभ्यर्थियों के दस्तावेज और चयन प्रक्रिया की जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या आर्थिक लेन-देन प्रमाणित होता है, तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी के जवाब पर हैं—क्या भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी, और यदि थी तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे.l
हरिशंकर बेन


