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Home मध्यप्रदेश कटनी

कटनी जिले में बनाए गए 51 पंजीयन केन्द्र, 10 अक्टूबर तक चलेगी प्रक्रिया

by Manish Gautam Chiefeditor
September 24, 2026
in कटनी
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कटनी जिले में बनाए गए 51 पंजीयन केन्द्र, 10 अक्टूबर तक चलेगी प्रक्रिया
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किसानों का भूमि, फसल एवं रकबे का विवरण एग्रीस्टेक डाटाबेस से होगा सत्यापित

कटनी – खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। पंजीयन प्रकिया 10 अक्टूबर तक चलेगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले में किसान पंजीयन के लिए कुल 51 पंजीयन केन्द्र निर्धारित किए हैं। पंजीयन कार्य सभी कार्य दिवसों में किया जाएगा। रविवार एवं शासकीय अवकाश के दिन पंजीयन नहीं होगा।

इस वर्ष किसान पंजीयन प्रक्रिया को एग्रीस्टेक डाटाबेस से जोड़ा गया है। पंजीयन के दौरान किसान के स्वामित्व वाले खसरे, रकबे तथा बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डाटाबेस से प्राप्त होगी। इससे पंजीयन में किसान की वास्तविक भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा।

*विगत वर्ष के पंजीकृत और नवीन किसानों के लिए अलग विकल्प*

पंजीयन केन्द्रों पर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए दो विकल्प उपलब्ध है। एक विकल्प विगत वर्ष पंजीकृत किसानों के लिए तथा दूसरा नवीन किसानों के पंजीयन के लिए होगा। पूर्व पंजीकृत किसान आधार नंबर, समग्र परिवार आईडी, मोबाइल नंबर, एग्रीस्टेक किसान आईडी अथवा विगत वर्ष की किसान पंजीयन आईडी दर्ज कर अपना विवरण प्राप्त कर सकेंगे। आवश्यकता होने पर विवरण में नियमानुसार संशोधन किया जा सकेगा। नवीन किसानों को आवेदन में अपना पूरा विवरण दर्ज करना होगा।

पंजीयन के दौरान किसान का सही आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। आधार का बायोमैट्रिक अथवा ओटीपी सत्यापन होने के बाद यूआईडीएआई के आधार डाटाबेस में दर्ज किसान की जानकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर प्राप्त होगी। किसान के नाम और विवरण का आधार डाटाबेस से मिलान होने पर ही पंजीयन सुरक्षित किया जा सकेगा।

*भूमि एवं फसल का विवरण एग्रीस्टेक से लिया जाएगा*

किसान पंजीयन में भूमि के खसरा नंबर, रकबा और बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डाटाबेस से ली जाएगी। पंजीयन में संबंधित किसान के खसरे की ही जानकारी दर्ज की जा सकेगी। यदि एग्रीस्टेक में किसान के सभी खसरे उपलब्ध नहीं हैं, तो शेष खसरे संबंधित पटवारी, सीएससी, ग्राम सहायक अथवा फार्मर रजिस्‍ट्री एमपी मोबाइल ऐप के माध्यम से एग्रीस्टेक डाटाबेस में जोड़े जा सकेंगे।

खसरे में दर्ज फसल तथा उसके सिंचित अथवा असिंचित रकबे के आधार पर पंजीयन किया जाएगा। किसान को आवेदन में खसरेवार बोई गई फसल का विवरण दर्ज कराना होगा। ई-उपार्जन पोर्टल को एग्रीस्टेक से एकीकृत किए जाने के कारण भू-स्वामी के स्वामित्व वाले खसरे, फसल एवं रकबे की जानकारी के साथ किसान का यूनिक कोड और एग्रीस्टेक फार्मर आईडी भी पंजीयन डाटा में दर्ज होगा।

*आधार नहीं होने पर भी निर्धारित प्रक्रिया से पंजीयन की सुविधा*

जिन किसानों के पास आधार नंबर नहीं है, उन्हें आधार केन्द्र पर जाकर आधार के लिए आवेदन करना होगा। समग्र आईडी अथवा आधार आवेदन की पंजीयन पावती के आधार पर भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान का पंजीयन किया जा सकेगा। किसान द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से सत्यापन के बाद पंजीयन सुरक्षित किया जाएगा।

सफल पंजीयन के बाद इसकी जानकारी किसान को एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। किसान पंजीयन की जानकारी का प्रिंट भी पोर्टल से प्राप्त कर सकेगा।

*सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था*

सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन सहकारी समितियों तथा सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर किया जाएगा। यदि सिकमी अथवा बटाईदार किसान ने एक से अधिक किसानों की भूमि सिकमी या बटाई पर ली है, तो प्रत्येक मूल किसान के साथ पृथक अनुबंध करना होगा और प्रत्येक के लिए अलग पंजीयन किया जाएगा।

ऐसे किसानों को मूल किसान तथा स्वयं के आधार नंबर, एग्रीस्टेक किसान आईडी और निर्धारित प्रारूप में सिकमी/बटाई अनुबंध की प्रति पंजीयन केन्द्र पर प्रस्तुत करनी होगी। अनुबंध की स्पष्ट स्कैन प्रति ई-उपार्जन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होगी।

सिकमी/बटाईदार किसान के पंजीयन में मूल भू-स्वामी की एग्रीस्टेक किसान आईडी और आधार नंबर भी दर्ज किए जाएंगे तथा मूल भू-स्वामी का ओटीपी अथवा बायोमैट्रिक के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जाएगा। वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन में वन पट्टा क्रमांक, खसरा, रकबा एवं बोई गई फसल की जानकारी दर्ज की जाएगी।

वनाधिकार पट्टाधारी किसानों का वन पट्टा तथा सिकमी/बटाईदार किसानों का सिकमी/बटाई अनुबंध 15 सितंबर 2026 से पूर्व की अवधि में निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। सिकमी/बटाई अनुबंध की अवधि अधिकतम पांच वर्ष निर्धारित है।

*गलत खसरा जोड़ने पर होगी वैधानिक कार्रवाई*

किसान पंजीयन के दौरान बोई गई फसल, उसकी किस्म तथा विक्रय योग्य मात्रा की जानकारी भी आवेदन में ली जाकर पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति के खसरे को किसान के पंजीयन में जोड़े जाने अथवा गलत पंजीयन किए जाने की स्थिति में संबंधित समिति प्रबंधक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध दंडात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

*किसान यहां करा सकेंगे पंजीयन*

कलेक्‍टर श्री तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार कटनी तहसील के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख समिति पहाड़ी, कटनी नगर तहसील के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कन्‍हवारा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति चाका कैलवारा और वृहत्‍ताकार कृषि साख समिति कटनी को पंजीयन का दायित्‍व सौंपा गया है।

इसी प्रकार ढीमरखेड़ा तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति उमरियापान, प्राथमिक कृषि साख समिति खमतरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति ढीमरखेड़ा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति दशरमन, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिलौड़ी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति झिन्‍ना पिपरिया, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति देवरी मंगेला और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति उमरियापान पंजीयन केन्‍द्र होंगे।

बड़वारा तहसील के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख समिति बड़वारा, प्राथमिक कृषि साख समिति विलायतकला केंद्र क्र. 01 और 02, प्राथमिक कृषि साख समिति अमाड़ी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बसाड़ी और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति नन्‍हवारा सेझा को पंजीयन केन्‍द्र बनाया गया है।

बरही तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति बरही, प्राथमिक कृषि साख समिति पिपरियाकलां, प्राथमिक कृषि साख समिति खितौली केंद्र क्र. 01 और 02 को पंजीयन की जिम्‍मेदारी दी गई है।

तहसील बहोरीबंद में प्राथमिक कृषि साख समिति बहोरीबंद, प्राथमिक कृषि साख समिति हथियागढ़ केन्‍द्र क्र. 01, प्राथमिक कृषि साख समिति कुआं, प्राथमिक कृषि साख समिति कूड़न, प्राथमिक कृषि साख समिति बाकल, प्राथमिक कृषि साख समिति सिहुड़ी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति इमलिया, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति चांदनखेड़ा, प्राथमिक कृषि साख समिति देवरी खरगवां, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सलैया पटोरी और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बरही (बाकल) में किसान पंजीयन करा सकेंगे।

तहसील रीठी में कृषि विपणन सहकारी समिति रीठी, प्राथमिक कृषि साख समिति बिलहरी, प्राथमिक कृषि साख समिति बड़गांव, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बकलेहटा, प्राथमिक कृषि साख समिति रैपुरा और प्राथमिक कृषि साख समिति देवगांव को पंजीयन केन्‍द्र बनाया गया है।

विजयराघवगढ़ तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति सिनगौंडी, प्राथमिक कृषि साख समिति विजयराघवगढ़, प्राथमिक कृषि साख समिति देवराकला, प्राथमिक कृषि साख समिति जिवारा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अमेहटा नन्‍हवारा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सलैया कोहारी और प्रियदर्शनी विपणन सहकारी समिति विजयराघवगढ़ पंजीयन केन्‍द्र होंगे।

स्लीमनाबाद तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति तेवरी, प्राथमिक कृषि साख समिति स्लीमनाबाद, प्राथमिक कृषि साख समिति पडरभटा, प्राथमिक कृषि साख समिति कौडिया तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धरवारा पंजीयन केन्‍द्र होंगे।
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Manish Gautam Chiefeditor

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