रिटेल व्यापारियों की शिकायत के बाद कृषि विभाग सक्रिय; दुकानों और गोदामों के स्टॉक का होगा भौतिक सत्यापन
कटनी (विशेष प्रतिनिधि)।
कटनी जिले में यूरिया की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और खाद के साथ अन्य उत्पाद दिए जाने संबंधी शिकायतों को लेकर कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। रिटेल खाद व्यापारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और शिकायतों के बाद उप संचालक कृषि (DDA) ने मामले की जांच एवं स्टॉक के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा जिले के खाद होलसेलरों से स्टॉक, आवंटन और वितरण से संबंधित जानकारी भी मांगी जा सकती है।
रिटेल व्यापारियों ने उठाए यूरिया वितरण पर सवाल
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ होलसेल विक्रेताओं द्वारा पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद छोटे रिटेल व्यापारियों को उनकी मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल पा रही है। व्यापारियों ने कुछ प्रतिष्ठानों की स्टॉक एवं रिटेल आईडी से संबंधित प्रविष्टियों की जांच कराने की मांग भी की है।
शिकायत में ‘गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी’ का उल्लेख करते हुए उसकी रिटेल आईडी पर दर्ज यूरिया स्टॉक और वास्तविक वितरण का सत्यापन कराने की मांग की गई है। हालांकि इन आरोपों की सत्यता विभागीय जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी।
अन्य उत्पाद लेने के दबाव की भी शिकायत
रिटेल व्यापारियों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि यूरिया की आपूर्ति के साथ कुछ अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का दबाव बनाया जाता है। एक उदाहरण में 70 बोरी यूरिया के साथ करीब ₹10,000 मूल्य का बेंटोनाइट सल्फर लेने की शर्त रखे जाने का दावा किया गया है।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि परिवहन, भाड़ा और हमाली सहित अन्य खर्च जुड़ने से यूरिया की वास्तविक लागत बढ़ जाती है, जबकि निर्धारित दर पर बिक्री करने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन दावों की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
गोदाम और स्टॉक रिकॉर्ड के सत्यापन की तैयारी
शिकायत के बाद कृषि विभाग द्वारा संबंधित खाद विक्रेताओं के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा सकता है। शिकायतकर्ताओं ने गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी, सनत ट्रेडर्स और श्री राम बीज भंडार सहित अन्य विक्रेताओं के स्टॉक एवं वितरण रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यदि जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर, नियम विरुद्ध बिक्री अथवा खाद वितरण से संबंधित किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। गंभीर अनियमितता पाए जाने की स्थिति में लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी संभव है।

जांच के नतीजों पर टिकी नजर
रिटेल व्यापारियों को उम्मीद है कि जांच से जिले में यूरिया वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और पात्र विक्रेताओं तथा किसानों तक खाद की उपलब्धता अधिक पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।
फिलहाल शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। संबंधित होलसेल विक्रेताओं का पक्ष और विभागीय जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।


