कटनी (26 जुलाई) – जिले की बहुप्रतीक्षित सिंचाई परियोजना विजयराघवगढ़ शाखा नहर का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा मैदानी निरीक्षण और इस सिंचाई परियोजना की सतत् समीक्षा की वजह से कार्यों में गति आई है।बरगी दांयी तट मुख्य नहर से जुड़ी इस परियोजना के तहत अब तक लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र के किसानों को जल्द ही व्यापक सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं शेष निर्माण कार्य प्रगति पर है।
कार्यपालन यंत्री सहज श्रीवास्तव के मुताबिक परियोजना के अंतर्गत दांयी तट मुख्य नहर की आर.डी. 153.050 से निकलने वाली विजयराघवगढ़ शाखा नहर (आर.डी. 0.00 से 57.17 कि.मी.) एवं इसकी सम्पूर्ण वितरण प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के पूर्ण होने पर जिले की मुडवारा एवं विजयराघवगढ़ तहसील सहित मैहर जिले के कुल 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
यह निर्माण कार्य मेसर्स फलोदी कन्स्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्रा. लि., इंदौर द्वारा किया जा रहा है। परियोजना की अनुबंध राशि 224.49 करोड़ रुपये है, जिसकी अवधि 22 जुलाई 2022 से 36 माह निर्धारित की गई थी। हालांकि कार्य की प्रगति को देखते हुए अब इसकी संभावित पूर्णता तिथि 21 जुलाई 2027 निर्धारित की गई है।
*मुख्य नहर कार्य लगभग पूर्णता की ओर*
विजयराघवगढ़ शाखा नहर की कुल लंबाई 42.90 कि.मी. में से लगभग 40.80 कि.मी. कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष करीब 1.5 कि.मी. कार्य निर्माणाधीन है। मिट्टी कार्य 42 कि.मी. तक तथा लाईनिंग कार्य 41.4 कि.मी. तक पूरा कर लिया गया है। नहर से संबंधित 91 संरचनाओं में से 87 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 4 संरचनाएं अभी निर्माणाधीन हैं। भू-अर्जन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
*वितरण प्रणाली में भी तेजी*
परियोजना के अंतर्गत कुल 35 माइनरों में से 16 माइनर पूर्ण हो चुके हैं, 13 में कार्य प्रगतिरत है तथा 6 माइनर शेष हैं। वितरण प्रणाली के तहत 171.70 कि.मी. में से 152.56 कि.मी. मिट्टी कार्य और 118.68 कि.मी. लाईनिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही 481 संरचनाओं में से 351 का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वितरण प्रणाली के अंतर्गत भू-अर्जन का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 2.407 हेक्टेयर भूमि के प्रकरण धारा-11 के तहत प्रकाशन हेतु तहसीलदार विजयराघवगढ़ को जांच प्रतिवेदन के लिए प्रेषित किए गए हैं।
*अब तक 195 करोड़ रूपये का हुआ व्यय*
परियोजना पर अब तक कुल 195.43 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जिसमें 188.01 करोड़ रुपये कार्यमद एवं 7.42 करोड़ रुपये मूल्य समायोजन के रूप में शामिल हैं। कुल मिलाकर परियोजना का शेष कार्य लगभग 15 प्रतिशत रह गया है।
*किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ*
परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। प्रशासन द्वारा शेष कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

