कुछ लोग बहनों को खिलौना समझ लेते हैं। उन्हें न महिलाओं की शारीरिक पीड़ा की चिंता होती है और न ही उनकी मानसिक स्थिति की। ऐसे लोग महिलाओं का जीवन नरक बना देते हैं। ऐसे लोगों के लिए जहन्नुम में पहुंचने का रास्ता हमारी सरकार खोलने वाली है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। अब मध्यप्रदेश में शाब्दिक रूप से तलाक की व्यवस्था नहीं होगी। कोई भी विवाहित व्यक्ति लिव-इन संबंध में नहीं रह सकेगा। लिव-इन संबंध में रहने वालों के लिए एक माह के भीतर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। जो पंजीयन नहीं कराएंगे, उनके लिए 5 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान किया गया है।
– *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*


