रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। शराब विक्रय के लिए प्रतिबंधित नर्मदापुरम नगर में इन दिनों शराब ठेकेदार के गुंडों का उत्पात सामने आ रहा है। बताया जाता है कि शराब ठेकेदार के गुर्गे नगर में अवैध रूप से बिकने वाली शराब के ठिकानों पर फोर व्हीलर में गुंडो के साथ छापामार कार्रवाई कर मारपीट कर धमकाते है। ठेकेदार के गुर्गों द्वारा नगर में की जा रही इस तरह की कार्यवाही की सूचना ना तो आबकारी विभाग को और ना ही पुलिस विभाग को होती हैं। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ऐसा ही एक मामला सामने आया है,जब सरदार मोहल्ला, बंगाली कॉलोनी ब्रिज के नीचे एक काले रंग की बोलेरो कार में पहुंचे ठेकेदार के गुर्गों ने वहां पर खोजबीन शुरू कर दी कि यहां दारू कौन बेच रहा है? इस दौरान उन्होंने ओमकार पिता दिलीप सिंह (24) सिकलीकर सरदार को रोककर उसके पेंट की तलाशी लेते हुए बोले यहां दारू कौन बेच रहा है? तो उसने कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है। जिससे उन लोगों ने गाली गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट की इस घटना को देखकर कुछ लोगों ने आकर बीच
बचाव किया। इसके बाद वह लोग धमकाते हुए चले गए। मारपीट की इस घटना में घायल ओमकार सिंह अपने परिजनों के साथ सिटी कोतवाली थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। ओमकार की पीठ, पैर, घुटने, हाथ की कोहनी और गाल पर चोट लगी है। पुलिस ने मेडिकल कराकर फरियादी की रिपोर्ट पर अंकित,पंकज, नारायण, रामू पहलवान के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) में अपराध पंजीकृत कर जांच में लिया है। जहां मामले में जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि आपके माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है। शराब ठेकेदार के आदमियों को ऐसा कोई वैधानिक अधिकार नहीं है कि वह स्वयं जाकर कार्यवाही करें। यदि कहीं अवैध शराब की सूचना है तो विभाग को जानकारी देनी चाहिए।


