• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Wednesday, July 8, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश कटनी

रीठी पैथोलॉजी लैब बनी बीमारी का अड्डा, प्रशासन मौन

by Manish Gautam Chiefeditor
July 7, 2026
in कटनी
0
रीठी पैथोलॉजी लैब बनी बीमारी का अड्डा, प्रशासन मौन
0
SHARES
66
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी के पैथोलॉजी कक्ष के ठीक सामने गोबर और कचरे का ढेर लगा हुआ है। जबकि रोजाना दर्जनों मरीज खून, पेशाब व अन्य जांच कराने आते हैं। पर लैब के गेट पर ही कीचड़ और गोबर पड़ा हुआ है। तेज दुर्गंध व मक्खी-मच्छर के कारण मरीजों को अंदर जाना मुश्किल है। दिव्यांगों के लिए बना रैंप भी गंदगी से भरा है। इससे मरीजों व स्टाफ में संक्रमण बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। जो बायोमेडिकल वेस्ट रूल 2016 और NQAS मानकों का सीधा उल्लंघन है।

लोगों का मानना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही लैब जैसी संवेदनशील जगहों पर साफ सफाई अति आवश्यक होती है ताकि बरसात मैं जमे कचरे से पनप रहे मच्छर मक्खी होने वाली संक्रमित बीमारीयो के खतरे से लोगों को बचाया जा सके l
जांच कराने आए यहां मरीजों कहना है कि यहां गोबर और कचरे की तेज दुर्गंध के कारण लैब के अंदर खड़े होना मुश्किल हो रहा है। ये स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है। जो साफ सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता l जबकि गाइडलाइन के अनुसार किसी भी चिकित्सा संस्थान के 10-50 मीटर दायरे में गंदगी होना प्रतिबंधित है। लैब का आसपास का वातावरण संक्रमण मुक्त होना चाहिए l

ग्रामीणों ने बीएमओ से मांग की है कि तत्काल सफाई कराई जाए, डस्टबिन लगाए जाएं और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।

हरिशंकर बेन

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…
Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
एक क्लिक की भूल पड़ सकती है भारी! न्यायाधीश ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव के बताए प्रभावी उपाय

एक क्लिक की भूल पड़ सकती है भारी! न्यायाधीश ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव के बताए प्रभावी उपाय

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

%d