जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल)योजना के लंबित प्रकरणों में तत्परतापूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा है लंबित प्रकरणों में पात्रता परीक्षण कराते हुए पात्र आवेदकों को यथाशीघ्र लाभान्वित कराया जाना सुनिश्चित करें। सुश्री कौर ने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि जरूरतमंदों को समय पर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
*संबल योजना की जानकारी*
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना मुख्य रूप से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और गरीबों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है. इसके तहत मजदूरों, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और गरीब परिवारों को आर्थिक, शैक्षणिक और चिकित्सा सहायता दी जाती है। संबल योजना के मुख्य लाभ योजना के तहत पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।
दुर्घटना व मृत्यु सहायता- सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। दिव्यांग सहायता- स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये मिलते है।अंत्येष्टि सहायता-परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 रुपये दिए जाते हैं। शिक्षा प्रोत्साहन- बच्चों को उच्च शिक्षा और मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति की सुविधा मिलती है। प्रसूति सहायता-महिला श्रमिकों को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान
आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। बिजली बिल में राहत- पात्र परिवारों का बिजली बिल माफ किया जाता है या उन्हें रियायती दरों पर बिजली दी जाती है। पात्रता (Eligibility)- आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। वह असंगठित श्रमिक, बीपीएल (BPL) कार्ड धारक, या सामान्य मजदूर होना चाहिए। सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता इसके पात्र नहीं हैं।आवेदन प्रक्रियासंबल कार्ड बनवाने के लिए आवेदक की समग्र आईडी (Samagra ID) का होना अनिवार्य है। पात्र श्रमिक आधिकारिक संबल 2.0 पोर्टल पर जाकर अपना ई-केवाईसी (e-KYC) और आवेदन ऑनलाइन पूरा कर सकते है।


