कटनी (24 जून) – लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए दो नायब तहसीलदारों पर कुल 3 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है, वहीं नापतौल विभाग के एक निरीक्षक के विरुद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निराकरण न करने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि वसूल की गई राशि प्रभावित आवेदकों को प्रतिकार (मुआवजा) के रूप में प्रदान की जाए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि नायब तहसीलदार सिंगौड़ी एवं देवराकला श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा 8 तथा नायब तहसीलदार कन्हवारा एवं मझगवां सुश्री अवंतिका तिवारी द्वारा 4 आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में नहीं किया गया।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर पालन प्रतिवेदन मांगा गया, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। परिणामस्वरूप कलेक्टर श्री तिवारी ने बिना पर्याप्त कारण के सेवा प्रदाय में विलंब करने पर श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव पर 2 हजार रुपये तथा सुश्री अवंतिका तिवारी पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
कलेक्टर श्री तिवारी ने संबंधित प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं एसडीएम को निर्देशित किया है कि अधिनियम के तहत सौंपे गए दायित्वों का समय-सीमा में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
वेतन से होगी वसूली
अधिरोपित जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों के जून माह के वेतन से काटकर शासकीय शीर्ष 0070-60-800-1066 में जमा की जाएगी। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रभावित आवेदकों को मुआवजा राशि का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
नापतौल निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित
इसी क्रम में कलेक्टर श्री तिवारी ने नापतौल विभाग के निरीक्षक श्री माजिद खान के विरुद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित की है। पोर्टल समीक्षा के दौरान उनके स्तर पर 100 आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए। इस पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम की धारा-7 के तहत दंडात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने हेतु प्रकरण द्वितीय अपीलीय अधिकारी एवं नापतौल विभाग के नियंत्रक को प्रेषित किया गया है।


