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मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जनजातीय युवाओं को उद्योग, सेवा और व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से ₹1 लाख से ₹50 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या मिलेगा लाभ?
✅ उद्योग आधारित परियोजनाओं के लिए ₹50 लाख तक ऋण
✅ सेवा एवं व्यवसाय गतिविधियों के लिए ₹25 लाख तक ऋण
✅ 5% ब्याज अनुदान का लाभ
✅ 7 वर्षों तक ब्याज सहायता
✅ ऋण गारंटी शुल्क का वहन राज्य सरकार द्वारा
किन व्यवसायों के लिए मिलेगा ऋण?
🔹 फूड प्रोसेसिंग
🔹 कोल्ड स्टोरेज
🔹 राइस मिल, पोहा मिल
🔹 ऑयल मिल
🔹 बेकरी निर्माण
🔹 मिल्क प्रोसेसिंग
🔹 ब्यूटी पार्लर
🔹 वाहन मरम्मत
🔹 फुटवियर मरम्मत
🔹 किराना एवं कपड़ा व्यवसाय
पात्रता
✔ आवेदक अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य हो
✔ आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो
✔ परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से कम हो
आवश्यक दस्तावेज
📌 जाति प्रमाण पत्र
📌 निवास प्रमाण पत्र
📌 आधार कार्ड
📌 बैंक पासबुक
📌 पैन कार्ड
📌 राशन कार्ड
📌 पासपोर्ट साइज फोटो
सरकार की अपील
जिला प्रशासन ने पात्र जनजातीय युवाओं से इस योजना का अधिकतम लाभ लेने और स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने की अपील की है।
हेडलाइन:
🔥 “जनजातीय युवाओं को सरकार का बड़ा तोहफा, अब मिलेगा ₹50 लाख तक का लोन!”


