MP NEWS CAST मनीष गौतम
*कटनी (12 जून)*- बारिश के मौसम के मद्देनजर संभावित बाढ़-आपदा के परिप्रेक्ष्य में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग और अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें। नागरिकों के हित में प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी संवेदनशील और सजग होकर दायित्व निभायें। सभी समय पर फोन उठाएं, रिस्पांस टाइम फास्ट होना चाहिए। ताकि किसी जरूरतमंद को समय पर मदद पहुंचाई जा सके। प्रभारी कलेक्टर सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने यह निर्देश शुक्रवार को यहां कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने के लिए किये गये इंतजामों की समीक्षा के दौरान दिए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री गर्वित गंगवार, डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके और सभी एसडीएम सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
*सक्रिय रहे कंट्रोल रूम*
प्रभारी कलेक्टर ने बैठक में निर्देशित किया कि जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के साथ-साथ विकासखंड स्तर और नगर निगम में बनाये गये कंट्रोल रूम 15 जून से चौबीसों घंटे सक्रिय रहें। ताकि रात में भी किसी स्थान विशेष में जलप्लावन की स्थिति निर्मित होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि कम से कम रिस्पांस टाइम में मौके पर पहुंच कर राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा की किसी भी प्रकार की सूचना मिलते हीं सबसे पहले जिला कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन ग्रुप को सूचित करना सुनिश्चित करें।
*जर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी में न लगे कक्षायें*
प्रभारी कलेक्टर ने नगर निगम सहित स्कूल शिक्षा विभाग, सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी भवन में कक्षायें संचालित न हों। साथ ही चिन्हित जर्जर भवनों में कोई रहवासी न रहे। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देशित किया कि चिन्हित जर्जर भवनों को खाली कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रकार के सभी भवनों का पुर्नसर्वेक्षण और सत्यापन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन भवन, सड़क आदि निचले इलाकों में जहां जलभराव होता है, वहां बैरिकेटिंग कराई जाये और संकेतक लगाये जायें। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।
*समन्वय से करें कार्य*
प्रभारी कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित करते हुये कहा कि पुलिस एवं होमगार्ड सहित संबंद्ध विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप चुस्त-दुरूस्त रखें। उन्होंने निर्देशित किया कि निचले इलाकों और जहां पिछले वर्ष जलभराव हुआ था, पूर्व के उन हालातों के अनुभवों के आधार पर वहां राशन और उर्वरक की दुकानें न हों। राशन, खाद और शासकीय डबल लॉक केन्द्र तथा समितियों को ऐसे स्थानों में शिफ्ट किया जाये, जहां पानी न भरे ताकि किसी भी प्रकार की सामग्री खराब न हो।
*खतरनाक खदानों को करें चिन्हित*
प्रभारी कलेक्टर ने जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित को निर्देशित किया कि वे पानी भरने वाली और खतरनाक स्वरूप की खदानों का स्थल भ्रमण कर उनका चिन्हांकन करें। इनकी बैरीकेटिंग हो और सूचना पटल लगवाएं। ताकि इन खदानों में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से जन और पशु हानि न हो।
*सर्पदंश के मामलों में रहे संवेदशील*
समीक्षा के दौरान प्रभारी कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्पदंश के मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरतें। अस्पतालों में एंटी वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता हो। सर्प मित्रों की मोबाइल नंबर सहित सूची पुलिस थानों में भी मौजूद रहे। साथ ही उन्होने नगर निगम और पीएचई विभाग को निर्देशित करते हुये कहा कि सभी हैंडपंपों का क्लोरीनाईजेशन कराना सुनिश्चित करें ताकि दूषित पानी पीने से कोई भी व्यक्ति बीमार न पड़े।
बाढ़ संभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, जीवनरक्षक दवाइयों, पशु चिकित्सा सुविधाओं, चारा एवं भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वर्षा जनित महामारी, डायरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पूर्व तैयारी रखने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए चिकित्सकीय दलों का गठन करने को कहा गया। साथ ही संभावित राहत शिविरों के लिए स्थान चिन्हित कर उनकी सूची तैयार रखने और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाली नाव, मोटरबोट, रबर बोट तथा अन्य उपकरणों की उपलब्धता एवं संचालन क्षमता का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
खुले बोरवेल को कराएं बंद
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जिले में सभी खुले बोरवेलों को बंद कराने की कार्यवाही करें। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनों के लीकेज को सुधारने के निर्देश दिए।
*बनाएं तैराकों की सूची*
बैठक में निर्देशित किया गया कि जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के साथ-साथ सभी एसडीएम व विकासखंड स्तर पर कुशल तैराकों की सूची अद्यतन करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर ये तैराक होमगार्ड सैनिकों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्य में सहभागी बन सकें।


