गर्मी में पेयजल संकट के साथ अंधेरे में रहने मजबूर है ग्रामीण,ढीमरखेड़ा के बरौदा गांव का मामला,शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
उमरियापान:- भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। उमरियापान के समीप बरौदा गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पिछले 10 दिनों से जल सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी हुई है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग करीब एक किलोमीटर दूर से साइकिलों और बर्तनों के सहारे पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी विधुत विभाग,ग्राम पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर सुधारने या बदलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बरौदा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगा ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण पानी सप्लाई व्यवस्था ठप हो गई है। घरों के नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। सुबह होते ही ग्रामीण पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं। पानी सप्लाई बंद होने के कारण ग्रामीणों को हैंडपंपों और निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं कई ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से साइकिलों में बर्तन लादकर पीने का पानी ला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है, लेकिन इस भीषण गर्मी में जल संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
अंधेरे में रातभर जागने मजबूर ग्रामीण:- बरौदा में विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। कई दिनों से बिजली सप्लाई बंद रहने के कारण गांव में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से गांव में न तो पंखे चल पा रहे हैं और न ही घरों में रोशनी हो पा रही है। रात के समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। इसके साथ ही अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू सहित अन्य जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। पर्याप्त नींद नहीं मिलने से दिनभर थकान और परेशानी बनी रहती है।
इनका कहना है:- बरौदा में ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत ग्रामीणों से मिली थी। तीन दिन पहले ही वहाँ ट्रांसफार्मर बदला गया है। अगर फिर से ट्रांसफार्मर खराब हो गया है तो, इसकी जांच कराकर दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जाएगी। :- मजहर अली, कनिष्ठ अभियंता उमरियापान
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


