कालापीपल(बब्लू जायसवाल)
इन दिनों जिले सहित विशेष कर कालापीपल व शुजालपुर में शराब ठेकेदारों ने आतंक मचा रखा है,क्योंकि उन्होंने आबकारी व पुलिस अपनी जेब में रख रखा है,कार्यवाही तो अधिकारी विभाग करता नहीं है,गलती से कार्यवाही यदि कर भी दी तो आज तक के इतिहास में 18 क्वार्टर से ज्यादा का कैश कभी नहीं बनाया गया,वर्तमान में शराब माफियाओं ने कानून को ताक में रख दिया है,अवैध शराब माफिया और अधिकारियों के बीच चोली-दामन का साथ है,जिसके चलते इनके सरगना दिन दूनी रात चैगुनी’उन्नति के शिखर’पर हैं,दारू माफिया छप्पन इंची सीना ताने उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डल रहे हैं,और आबकारी अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है,लोगों को मानक के अनुसार शराब मिलना तो दूर घटिया किस्म की शराब निर्धारित रेट से अधिक दाम पर बेची जा रही है,शायद आबकारी विभाग के नुमाइंदे शराब की दुकानों से हफ्ता वसूली के कारण कार्यवाही करने से बचते नजर आते हैं,
लोगों का कहना है कि उन्हें जो दारू मिल रही है,उसके दाम बोतल पर लिखे दाम से अधिक वसूले जा रहे हैं,शिकायत करने पर दुकानदार कहता है कि’लेना है तो लो वरना रास्ता नापो ‘जाहिर है दुकादारों की यह दबंगई आबकारी अधिकारी द्वारा दिखाई हरी-झंडी की वजह से हैं,निर्धारित रेट से अधिक दाम वसूली का’धत्करम’शहरी और ग्रामीण सभी दक्षेत्रों अंगद के पांव की तरह अडिग और सर्वव्यापी है और शराब माफियाओं के खिलाफ उपभोक्ताओं की शिकायतें नक्कारखाने में तूती बनकर रह जाती है,यह सभी आबकारी विभाग की नाक के नीचे हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी कान में रुई ठूंसे बैठे हैं,ऐसा इसलिए क्योंकि दारू माफियाओं के साथ आबकारी अधिकारी की मिलीभगत है।
“शराब दुकानों पर निर्धारित प्रिंट रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी अंतर होने के बावजूद दुकानदार ग्राहकों से मनमाने रेट वसूल रहे हैं…।
ठेकेदार द्वारा खुलेआम लूटमारी कर रहे हैं,आबकारी अधिकारी शराब दुकानों में चल रहीं अंधेर गर्दी को झांकने तक नहीं जाता है,नियम कायदों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं,देहाती क्षेत्रों की हालत और भी खराब है,जहां बिना लाइसेंस के अवैध शराब डायरी के माध्यम से ठेकेदार खुलेआम बिकावा रहा है।


