उमरियापान:- भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर ग्रामीण पहले से ही परेशान हैं, वहीं उमरियापान क्षेत्र से गुजरने वाली नर्मदा दाई तट नहर में पिछले एक महीने से पानी नहीं होने के कारण समस्या कई गुना बढ़ गई है। क्षेत्र की नहर पूरी तरह सूखी पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि नहर में एक बूंद पानी तक नजर नहीं आ रहा। नहर का स्वरूप अब खेल मैदान की तरह सपाट दिखाई देने लगा है। नहर में पानी नहीं होने से ग्रामीणों का निस्तार पूरी तरह ठप हो गया है,
वहीं किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। किसानों के खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर में पानी न आने से क्षेत्र का जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसका असर आसपास के कुओं, तालाबों और नदियों पर पड़ रहा है। जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। नहर किनारे बसे गांवों में पेयजल संकट भी धीरे-धीरे गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के दिनों में यदि नहर में पानी नहीं रहता, तो आसपास के जल स्रोत भी प्रभावित हो जाते हैं। गांवों की जल सप्लाई पर असर पड़ता है। जल स्तर कम होने के कारण नलों में मटमैला और गंदा पानी आने लगता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं मिलने से फसलें सूख रही हैं, जबकि पक्षियों, पशुओं के लिए भी पानी की कमी बढ़ती जा रही है। इससे ग्रामीण जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के इन दिनों में नहर में पानी छोड़ा जाए, ताकि जल संकट से राहत मिल सके।
इनका कहना है:- बरगी डैम के नजदीक काम चल रहा है। इस कारण डैम से ही पानी नहीं छोड़ा गया है। थोड़ा बहुत पानी नहर में छोड़ा जाए, इसके लिए प्रयास किये जायेंगे।:- अनिल तिवारी, कार्यपालन यंत्री,नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


