जन्मदिन पर सेवा की मिसाल: समाज सेविका अर्चना सिंगरौल ने जरूरतमंदों के बीच बांटी खुशियां
वार्ड नं 08 पवई तहसील जिला पन्ना मध्य प्रदेश।
जहां आज के दौर में जन्मदिन उत्सव और व्यक्तिगत खुशियों तक सीमित रह गया है, वहीं समाज सेविका अर्चना सिंगरौल ने अपने जन्मदिन को सेवा और समर्पण का माध्यम बनाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन (KHF NGO) के तत्वावधान में पवई तहसील के वार्ड क्रमांक 8 में एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को वस्त्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं संस्था के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई परिवारों ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आशा और विश्वास जगाते हैं।
कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है।
संस्था द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें—
गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना,
वस्त्र एवं भोजन वितरण,
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग,
शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना,
गरीब छात्रों को शैक्षणिक सहायता,
बालिका शिक्षा को बढ़ावा,
महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता कार्यक्रम,
स्वास्थ्य शिविर एवं चिकित्सा सहायता,
रक्तदान एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान,
वृद्धजन सेवा,
अनाथ एवं बेसहारा बच्चों की मदद,
नशा मुक्ति अभियान,
स्वच्छता अभियान,
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण,
आपदा राहत कार्य,
बेरोजगार युवाओं के लिए मार्गदर्शन एवं कौशल विकास,
ग्रामीण विकास एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष अर्चना सिंगरौल ने इस अवसर पर कहा—
“हमारा प्रयास केवल एक दिन की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि हम निरंतर समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’—इसी भावना के साथ हमारा संगठन कार्य कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में संस्था द्वारा और भी व्यापक स्तर पर सेवा कार्य किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को सहयोग मिल सके।
यह कार्यक्रम न केवल एक सेवा कार्य था, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी था कि यदि हर व्यक्ति अपने विशेष अवसरों को समाज सेवा से जोड़ दे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।


