भोपाल। प्रदेश में मदिरा दुकानों के निपटान को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 13वें चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब इस चरण में दुकानों/समूहों का आवंटन केवल ई-टेंडर के माध्यम से किया जाएगा, जबकि ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त रहेगी।
बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने की, जिसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक में विभाग द्वारा अब तक की प्रगति और राजस्व स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
🔶 13वें चरण की प्रमुख बातें
मदिरा दुकानों का निपटान केवल ई-टेंडर से होगा
आरक्षित मूल्य से 30% से अधिक कम ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे
10वें, 11वें और 12वें चरण के होल्ड ऑफर्स को पुनः मौका
चयनित निविदाकारों को दोबारा EMD जमा करने की जरूरत नहीं
समूह और व्यक्तिगत दुकानों का निपटान अलग-अलग किया जाएगा
🔶 राजस्व में बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार अब तक 3099 दुकानों से करीब 16,637.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34% से अधिक वृद्धि दर्शाता है। यह नई आबकारी नीति की सफलता का संकेत माना जा रहा है।
🔶 शेष दुकानों की स्थिति
करीब 454 दुकानें अभी शेष हैं, जिन्हें 13वें चरण में शामिल किया गया है। इन दुकानों के लिए पहले प्राप्त ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से अधिक कम होने के कारण होल्ड पर रखे गए थे।
🔶 नई नीति का असर
सरकार का कहना है कि नई नीति से:
शराब कारोबार में मोनोपॉली पर नियंत्रण हुआ है
ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई
प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता में सुधार हुआ
🔶 ई-टेंडर की तारीख

आवेदन और ऑफर सबमिट: 4 अप्रैल 2026, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
टेंडर ओपनिंग: 4 अप्रैल 2026, शाम 5:05 बजे से
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम मदिरा दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


