कटनी जिले का रीठी शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति नवीन बालक छात्रावास छात्रावास की नई बिल्डिंग तो करोड रुपए की लागत से बन गई और वह संचालित भी हो रही है परंतु आज दिनांक तक इतनी बड़ी बिल्डिंग में लाइट गोल हो जाने पर कोई इन्वर्टर की व्यवस्था न होना एक गंभीर समस्या है lऔर जिम्मेदार अधीक्षक मोन धारण किए हुए बैठे हैं l जबकि प्रतिवर्ष लाखों रुपए का बजट छात्रावास के लिए शासन द्वारा दिया जाता है l उसके बावजूद भी करोड़ों की बिल्डिंग में इनवर्टर ना होना जिम्मेदारों को सवालों के घेरे मिलकर खड़ा कर देता है l आकस्मिक बिजली गोल हो जाने पर छात्रों को पढ़ाई और अन्य दैनिक कार्यों में कठिनाई होती है।
अधीक्षकों की जवाबदेही होती है कि छात्रावासों में सुरक्षा और सुविधाओं की निगरानी के लिए वार्डन/अधीक्षक को रात में भी वहां रुकने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिजली जैसी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। परंतु यहां के हालात ऐसे ही की किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता
हरिशंकर बेन


