रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत परिवहन कंपनी की बसों के संचालन की तैयारी कर रही है। वही प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति का अब मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। जहां रविवार को सागर में प्रदेश भर से बस ऑनर्स व ऑपरेटर जमा हुए और सरकार द्वारा जारी राजपत्र को वापस लेने की मांग की। वहीं जिला मुख्यालय पर नर्मदापुरम बस एसोसिएशन के संरक्षक राकेश फौजदार,अध्यक्ष संजय शिवहरे के नेतृत्व में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन सचिव
, परिवहन आयुक्त के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नई परिवहन नीति का विरोध दर्ज कराया है। साथ ही अवगत कराया कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो 2 मार्च से बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इस अवसर पर नर्मदापुरम बस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गगन शिवहरे, रमाकांत वर्मा, कोषाध्यक्ष नितेश मालवीय, महामंत्री विजेंद्र संकुल, सचिव शाहनवाज खान, ई ईशे ईशेंद्र प्रताप सिंह, प्रफुल्ल शिवहरे सहित बड़ी संख्या में बस ऑपरेटर मौजूद रहे। नर्मदापुरम बस एसोसिएशन संरक्षक राकेश फौजदार ने बताया कि सरकार का परिवहन विभाग बंद होने के बाद से वर्ष 2007 से 18 वर्ष हो गए हैं। प्राइवेट बस ऑपरेटर हर जगह अपनी गाड़ियां चला रहे हैं। यह गाड़ियां देश की पूंजी से खरीदी जाती हैं, बैंक गाड़ियों को फाइनेंस करते हैं। अगर यह गाड़ियां बंद होगी तो देश की पूंजी को तो नुकसान होगा ही, बस मालिकों के साथ हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और बहुत सारे टैक्स लाद दिए जाएंगे जो उचित नहीं है। अतः उक्त परिवहन नीति को वापस लिया जाना चाहिए। नर्मदापुरम बस एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शिवहरे ने बताया कि सरकार नई परिवहन नीति लाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है कि वह सरकारी बस चल रही है। वह हम प्राइवेट बस ऑपरेटरों को हटाकर कंपनी ला रहे हैं। तो फिर हम भी प्राइवेट और कंपनी भी प्राइवेट। जब कंपनी से बस चलवाना है तो हमें क्यों हटाया जा रहा है। हमारी पहली मांग है कि 24.12.2025 के राजपत्र में जो संशोधन किया गया है उसे वापस लिया जाए। इसी प्रकार 29.01. 2026 को राजपत्र में प्रति सीट ₹12 से 18 रुपए टैक्स बढ़ाया गया है उसे वापस लिया जाए और वर्तमान में जो परिवहन नीति संचालित हो रही है उसे ही चलाया जाए।


