रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले भर में कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशन पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा गिट्टी, मिट्टी, रेत के अवैध उत्खनन सहित ओवरलोड परिवहन के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी है। जिससे रेत माफिया में जहां हड़कंप मच गया है तो वहीं अब रेत एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को डंपर मालिकों ने कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं। डंपर मालिकों का कहना है कि वह रॉयल्टी से डंपरों में रेत ढोई जा रही है और हम करोड़
का राजस्व भी दे रहे हैं जबकि कृषि कार्य के उपयोग की ट्रैक्टर ट्राली से रेत चोरी हो रही है उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं। रेत ढो रही ट्रैक्टर ट्राली का पंजीयन कृषि कार्य हेतु है परंतु उसका उपयोग व्यावसायिक रेत परिवहन में किया जा रहा है। इनके पास आवश्यक वाणिज्यिक परमिट एवं लाइसेंस भी नहीं है। इस अवैध गतिविधि पर कठोर कार्यवाही होना चाहिए ना कि वैध रूप से रेत ढोने के कार्य करने वाले डंपर के साथ। दूसरी तरफ देहात पुलिस द्वारा शुक्रवार को थाना प्रभारी सौरभ पांडे के नेतृत्व में बाबई रोड जासलपुर के पास से ओवरलोड रेत के चार डंपर पकड़े जाने के बाद हड़कंप मच गया। पकड़े गए डंपरों को देहात थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। पकड़े गए उक्त डंपर रसूखदारों के होने से पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव की बात भी सामने आ रही हैं। क्योंकि पकड़े गए डंपरों में ज्यादा रेत ढोने की मंशा से डंपर की मूल बॉडी स्ट्रक्चर में बदलाव भी किया गया है। मनमर्जी से वेल्डिंग कर डेढ़ से दो फीट अतिरिक्त ऊंचा कर लिया है जिससे ओवरलोड रेत का परिवहन कर रहे हैं। मॉडिफाई किये ऐसे चार डंपरों को देहात पुलिस थाना ने पकड़ा है जिसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है। यह बात भी चर्चा में आ रही है कि पकड़े गए डंपरों में एक डंपर किसी अधिकारी के पति का है, जो रेत कारोबार से जुड़े हुए हैं। देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि पकड़े गए ओवरलोड डंपरों पर वैधानिक कार्रवाई की गई है और माननीय न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है।


