रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय नर्मदापुरम नगर में मां नर्मदा के तट पर होने के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 5 किलोमीटर के दायरे में शराब विक्रय पर पूर्णत प्रतिबंध लगाया हुआ है। वहीं शासन द्वारा कंपोजिट शराब दुकान नमर्दापुरम के इटारसी रोड पर पवारखेड़ा के नाम से संचालित है तो बाबई रोड पर रायपुर शराब दुकान के नाम से संचालित है। दूसरी तरफ आबकारी विभाग और प्रशासन की शिथिलता के चलते यहां पर सड़क किनारे ही चखना दुकान लग गई है। सुराप्रेमी यहां पर खुलेआम सड़कों पर और टपों किनारे शराब पीते हुए शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। वहीं आबकारी विभाग यहां क्यों कार्यवाही नहीं कर पा रहा जबकि पुलिस प्रशासन निरंतर कार्यवाही कर रहा है।
शनिवार शाम को पुलिस विभाग की 112 डायल ने बाबई रोड स्थित कंपोजिट शराब दुकान के पास में सड़क किनारे टपों पर सिगरेट, तंबाकू विक्रय किए जाने सहित शराब पिलाने की शिकायत के चलते कार्यवाही की है। यहां पर ढाबे के आसपास भारी मात्रा में पड़े हुए शराब के खाली बारदाने का ढेर स्पष्ट करता हैं कि यहां पर किस प्रकार से शराब पिलाई जा रही है? आबकारी विभाग शराब पिलाने वाले ढाबों पर कार्यवाही नहीं कर पा रहा है? पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। मामले को लेकर एसडीओपी जितेन्द्र पाठक ने बताया कि शिकायत मिलने पर पुलिस टीम निरंतर सर्चिंग कर रही है और सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई कर रही है। साथ ही जहां भी अवैध रूप से शराब पिलाई जा रही है उनके खिलाफ भी कार्यवाही कर रही है।


