रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला प्रशासन द्वारा रेत के अवैध खनन परिवहन को लेकर कार्यवाही की जा रही है। इसी के चलते जहां ओवरलोड डंपरों को जप्त किया जा रहा है। इसके बाद डंपर संचालकों में हड़कंप मच गया है। इसके विरोध में अब भोपाल,सीहोर, रायसेन,नमर्दापुरम, हरदा, देवास, खंडवा, इंदौर के रेत ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखा है। रेत ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिला प्रशासन, खनिज प्रशासन द्वारा वैध रायल्टी पर्ची एवं नियमों के पालन के
बावजूद रेत डंपरों को रोककर अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं तथा वाहनों को थानों में, चौकी में खड़ा कराया जा रहा है। इससे वाहन मालिकों, चालकों एवं निर्माण कार्य से जुड़े व्यवसाईयों पर गंभीर आर्थिक स्थिति और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार रेत ट्रक ओनर एसोसिएशन के सदस्य नियमों के अनुसार विधिवत रॉयल्टी का भुगतान कर वैध रेत का परिवहन करते हैं। प्रावधान के अनुसार 12 टायर डंपर में 24 घन मीटर रेत तथा अनुमत 10% अतिरिक्त मात्रा की रॉयल्टी अदाकर परिवहन किया जा रहा है। वहीं अनेक ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी के और बिना अनुमति के अवैध उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। इन ट्रैक्टरों का पंजीकरण कृषि कार्य हेतु है किंतु उसका उपयोग व्यावसायिक रेत परिवहन में किया जा रहा है। इनके पास आवश्यक वाणिज्यिक परमिट एवं लाइसेंस भी नहीं है। इन अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही नहीं होने से शासन को लाखों के राजस्व हानि हो रही है। परंतु वैध रूप से कार्य करने वाले डंपर मालिकों के साथ भेदभाव हो रहा है। अतः मामले में निष्पक्ष जांच कर वैध रॉयल्टी के साथ रेत का परिवहन करने वाले डंपर मालिकों के साथ न्याय किया जावे। रेत ट्रक मालिक संघ ने आरोप लगाया कि हमारे ट्रक को अवैध खनिज परिवहन में पकड़े जाने पर पंचनामा करके विधिवत कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे हमारे वाहन को कई दिनों तक खड़े रखते हैं जिससे हमे आर्थिक परेशान होना पड़ रहा है। वाहनों पर लगातार कारवाई से हमें माफिया की तरह ट्रीट किया जा रहा है जबकि हम व्यवसाय करने वाले हैं। यदि प्रशासन हमारी मांगों को नहीं मानता है तो हम प्रदेश स्तर पर शासन के सामने अपनी मांग रखेंगे। और विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही कारवाई पर शीघ्र अंकुश न लगाने पर विधानसभा घेराव की बात भी कही है।


