जबलपुर। जिले में धान खरीदी को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। मझौली तहसील अंतर्गत वृहताकार सहकारी संस्था द्वारा संचालित श्री वेयर हाउस धान उपार्जन केंद्र में ई-उपार्जन पोर्टल पर लगभग 15 हजार क्विंटल धान की फर्जी ऑनलाइन खरीदी दर्शाकर करीब 3.5 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है।
शिकायत मिलने पर Jabalpur कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मामले की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी। जांच टीम ने जब खरीद विपणन वर्ष 2025-26 के आंकड़ों का भौतिक सत्यापन किया, तो ई-उपार्जन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और मौके पर उपलब्ध धान में भारी अंतर पाया गया।
जांच में सामने आया कि ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार कुल 65,235 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि भौतिक सत्यापन में 14,934 क्विंटल धान कम पाया गया। इसके अलावा 174 किसानों के नाम पर 14,505 क्विंटल धान की फर्जी ऑनलाइन खरीदी की एंट्री किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अवैध एंट्री कर अनुचित लाभ के उद्देश्य से यह हेराफेरी की गई। इसके लिए धान खरीदी केंद्र के प्रभारी रत्नेश भट्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन सेन को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में दोनों दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भू-राजस्व की धाराओं के तहत राशि की वसूली, दंडात्मक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की अनुशंसा की थी। मझौली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
— MP NEWS CAST | जबलपुर


