सर्वाइट कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा ने पढ़ाई के दबाव में की आत्महत्या,मचा हड़कंप..!सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कैथवास ने उठाई जांच की मांग….!
रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय के प्रतिष्ठित कहे जाते सीबीएसई बोर्ड अंग्रेजी माध्यम सर्वाइट कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा द्वारा पेरेंट्स मीटिंग के उपरांत घर पहुंच कर दोपहर में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की खबर के बाद शहर में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा तरह-तरह से बच्चों सहित पालकों को परेशान किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। परेशान छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की दुखद घटना की जानकारी के बाद पालकों में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। बताया जाता है कि छात्रा को परीक्षा में कम नंबर आने को लेकर पेरेंट्स मीटिंग में जानकारी दी गई थी। इसके बाद छात्रा द्वारा उक्त कदम उठाए जाने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की माने तो स्कूल प्रबंधन द्वारा पढ़ाई को लेकर स्कूली बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बनाया जाता है। जिससे बच्चे डिप्रेशन में आ जाते हैं। देहात थाने के जांच अधिकारी एएसआई लक्ष्मण अमोल्य ने बताया कि दोपहर को उन्हें जानकारी मिली कि सर्वाइट कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा ने पेरेंट्स मीटिंग उपरांत पढ़ाई में कम नंबर को लेकर डिप्रेशन में आकर घर पर फांसी लगा लिया है। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है। दूसरी तरफ कुछ गार्जियन ने मीडिया को नाम न छापने की शर्त पर अवगत कराया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा पढ़ाई के नाम पर बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है परंतु बच्चों के भविष्य को लेकर शिकायतें वही स्कूल प्रबंधन तक होकर रह जाती हैं। गार्जियन का आरोप यह भी है कि प्रिंसिपल से मिलना बहुत मुश्किल से होता है? गेट पर विलंब होने पर बच्चों को घंटों खड़ा कर दिया जाता है और कम उपस्थिति पर मेडिकल सर्टिफिकेट लाने को कहा जाता है। सूत्रों की माने तो फीस की मनमानी और लेट होने के चलते बच्चों को परीक्षा से वंचित रखने से भी स्कूल प्रबंधन पीछे नहीं हटता है। स्कूल परिसर में विधिवत सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे होने की बात सामने आ रही है। साथ ही स्कूल खेल मैदान भी नॉर्म्स के अनुसार नहीं होने की बात कही जा रही है । बच्चों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं परंतु उसे संज्ञान नहीं लिया जाता है। फिलहाल कक्षा दसवीं की छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के पीछे स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि उनके द्वारा बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाकर क्लास में डांटा जाता है जिससे बच्चे डिप्रेशन में जा रहे हैं। इस गंभीर घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सीमा कैथवास ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि पूरी घटना की सूक्ष्मता से जांच सहित दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अवगत कराया कि उनके पास कई पेरेंट्स के फोन आ रहे हैं और वह स्कूल की अनियमिताओं को बता रहे हैं। जिस पर कोई सुनवाई नहीं होती है और बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सूत्रों के हवाले यह बात भी सामने आ रही है कि पेरेंट्स मीटिंग में पढ़ाई को लेकर छात्रा को डांटा भी गया है, इसके बाद छात्रा डिप्रेशन में गई है। छात्रा की क्लास के सीसीटीवी और पेरेंट्स मीटिंग के सीसीटीवी फुटेज की जांच होना चाहिए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एक्शन होना चाहिए।


