कटनी पुलिस पर विधानसभा में बड़ा घेरा, चारों विधायक एक मंच पर — टीआई संजय दुबे पर गंभीर आरोप, सरकार ने दिए जांच के आदेश
कटनी जिले की पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर विधानसभा में आज जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब जिले के चारों विधायक— संदीप जायसवाल, संजय पाठक, प्रणय पांडे और अभिलाष पांडे— पहली बार एकजुट होकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
विधायकों ने माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे पर गंभीर आरोप लगाते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया और एक मामले में अवैध दबाव, मिलीभगत और गलत धाराएँ लगाने की जांच की मांग की।
सरकार का बड़ा आश्वासन — CCTV से होगी पूरे मामले की दोबारा जांच
ध्यानाकर्षण पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अधिकृत मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि—
👉 पूरे प्रकरण की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोबारा जांच कराई जाएगी
👉 दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है
वहीं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी विधायकों से कहा कि वे सभी बिंदु लिखित में दें, ताकि विस्तृत जांच कराई जा सके।
पुलिस हिरासत में अवैध पूछताछ का गंभीर आरोप
विधायकों ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि—
हाउसिंग बोर्ड अग्निकांड मामले में पुलिस रिमांड पर लिए गए शुभम त्रिपाठी से, टीआई संजय दुबे की मौजूदगी में, एक कांग्रेस नेता व पूर्व हथियार सप्लायर द्वारा कथित रूप से पूछताछ कराई गई।
इतना ही नहीं, शुभम पर एक प्रतिष्ठित व्यक्ति का नाम लेने का दबाव बनाया गया।
विधायकों ने कहा कि—
पुलिस अभिरक्षा में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा पूछताछ पूरी तरह नियमविरुद्ध है और इससे पूरे प्रकरण में मिलीभगत की आशंका और गहरी हो जाती है।
गलत धाराएँ लगाने का भी आरोप — बिना नुकसान के भेज दिया जेल
घटना के मुताबिक— 26–27 अगस्त की रात हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नाजिम खान की बाउंड्रीवाल की नेम प्लेट में आग लगाई गई, जो कुछ सेकंड में खुद बुझ गई।
👉 कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ
👉 घर और बाउंड्री में करीब 15 फीट की दूरी है
👉 कोई स्वतंत्र गवाह नहीं
👉 कोई ठोस सबूत नहीं
इसके बावजूद शुभम त्रिपाठी पर बीएनएस की धारा 326(जी) जैसी गंभीर गैरजमानती धारा लगाकर जेल भेज दिया गया।
विधायकों ने इसे सरासर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया।
ब्राह्मण समाज का भी उबाल, निष्पक्ष जांच की मांग
विधायकों ने सदन को यह भी बताया कि— ब्राह्मण समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग का ज्ञापन दिया था।
विधायकों की दो टूक मांग
✅ यदि शुभम त्रिपाठी निर्दोष पाए जाएं तो प्रकरण तत्काल निरस्त किया जाए
✅ गलत धाराएँ हटाई जाएं
✅ दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो
सरकार का आधिकारिक भरोसा
सरकार ने सदन में स्पष्ट आश्वासन दिया कि—
✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होगी
✔️ CCTV फुटेज की गहन जांच की जाएगी
✔️ अवैध पूछताछ के आरोपों की भी जांच होगी
✔️ दोष सिद्ध होने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा
कटनी से उठा मुद्दा अब पूरी विधानसभा में गूंजा, पुलिस की भूमिका पर बड़े सवाल — जांच के बाद तय होगा सच और सजा!

