कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित परिवार-नियोजन शिविर में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि यहां आए कई महिलाओं के ऑपरेशन तो कर दिए गए, लेकिन पोस्ट-ऑपरेशन के दौरान उन्हें उचित देखभाल नहीं मिली। वहीं कुछ महिलाओं को सिर्फ इंजेक्शन लगाकर ही बेहोशी की हालत में छोड़ दिया गया। परिजन में इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है।
शिविर में पहुंची कुछ महिलाओं का यह आरोप भी है कि उन्हें कहा गया कि ऑपरेशन किया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें सिर्फ एक इंजेक्शन देने के बाद ही वापस भेज दिया गया। हालांकि इस इंजेक्शन का क्या उपयोग था, इसकी जानकारी मरीजों या परिजनों को स्पष्ट तरीके से नहीं दी गई।
इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉक्टर आर बी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे ऑपरेशन हेतु बुलाया जाता है बाकी की जानकारी (बी.ई ई.) कल्पना खान से ले सकते हैं l
वही जब (बी.ई ई.) से बात की गई तो उन्होंने कोई जवाब न देते हुए मौन धारण कर लिया l
*परिजनों ने जताया आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग,,,*
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से महिलाओं की जान पर बन आती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच टीम गठित की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सूत्रो से मिली जानकारी अनुसार शिविर का लक्ष्य पूरा करने के लिए थोक के भाव एलटीटी ऑपरेशन किए जा रहे है जबकि नियमानुसार ब्लाक स्तर पर 30 महिलाओं का ही परिवार नियोजन होना सुनिश्चित किया गया हैं l ताकि पूरी सावधानी और सुरक्षा के बीच महिलाओं का ऑपरेशन किया जा सके ।
लेकिन यहां कई महिलाओं को इंजेक्शन लगाने के बाद उनका ऑपरेशन नही हुआ ,जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी, जिन्हें घर ले जाकर परिजनों ने निजी चिकित्सकों से उपचार दिलाया । इस पूरी कार्यप्रणाली से पूरा अस्पताल प्रशासन मौन है l
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। न ही यह बताया गया है कि शिविर में किन डॉक्टरों की ड्यूटी लगी थी और मरीजों की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।
परिजनों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ देने के नाम पर ऐसे शिविर लगाए जाते हैं, जिनमे मूलभूत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन ही नही हो रहा ,तो इन कार्यक्रमों की रशमदाएगी क्यों की जाती है । रीठी में आयोजित इस परिवार-नियोजन शिविर की लापरवाही ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि घटना की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हरिशंकर बेन


