एक ही पलंग पर दो ऑपरेशन वाली महिलाओं को लिटाना एक बेहद गंभीर और खतरनाक लापरवाही है। यह चिकित्सा नियमों के खिलाफ है और मरीज़ों के लिए कई जोखिम पैदा करता है। जबकि चिकित्सा नैतिकता के अनुसार, हर मरीज़ को सही और सुरक्षित देखभाल मिलनी चाहिए। एक ही बिस्तर पर दो मरीज़ों को लिटाना इस सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है।
उसके बावजूद भी कटनी जिले के रीठी सरकारी अस्पताल की संविधान दिवस के दिन 26 नवंबर को,मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीरे निकलकर सामने आई है l जहा दूरदराज से परिवार नियोजन करवाने आई महिलाओं का आधा सैकड़ा से अधिक रजिस्ट्रेशन होने बाद, अस्पताल प्रबंधक एवम शिविर की जिम्मेदारी सौंपी गई कर्मचारियों की लापरवाही उजागर होती है l
जहा नशबंदी आपरेशन के बाद उन्हें गोद मैं उठाकर लावरिसो की तरह एक ही पलंग पर दो-दो महिलाओं को लिटा दिया गया। यह भी नहीं सोचा गया कि बेहोशी की हालत में महिला गिर भी सकती है । जिससे देख महिलाओं के साथ आए परिजनों में रोष व्याप्त हो गया।
और सभी परिजन इस लापरवाही को लेकर अस्पताल विभाग को जिम्मेदार ठहरने लगे
अब देखना यह है कि ऊपर बैठे उच्च अधिकारी इस विषय पर क्या कार्रवाई करते हैं,या इसी तरह परिवार नियोजन किए जाएंगे l
हरिशंकर बेन


