कटनी, 18 नवंबर 2025।
कटनी पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए पीड़ित को 12,00,000 रुपये वापस दिलाए। यह धनराशि रेलवे कर्मचारी के बैंक खाते से जालसाजों ने डीआरएम बनकर ठगी थी।
कैसे हुई ठगी
8 मार्च 2025 को पीड़ित को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को रेलवे का उच्च अधिकारी बताया और कहा कि पेंशन एवं बैंक संबंधित जानकारी अपडेट करनी है। भरोसा दिलाते हुए जालसाज ने पीड़ित से PPO नंबर, HRMS ID, बैंक खाते की जानकारी तथा ATM कार्ड की विवरणी ले ली।
इसके बाद खातों से 19 लाख रुपये निकाल लिए गए। यह मामला कटनी साइबर सेल में दर्ज कराया गया।
साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई
- संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत फ्रीज़ कराया गया।
- समय रहते बैंकिंग चैनलों के माध्यम से राशि को सुरक्षित कराया गया।
साइबर सेल की तकनीकी टीम और अधिकारियों की तत्परता से 12 लाख रुपये वापस पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक लौटाए गए।
पुलिस की अपील – ऐसे जालसाजों से बचें
कटनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे—
- किसी भी व्यक्ति के साथ ATM कार्ड नंबर, OTP, CVV, PIN, बैंक अकाउंट नंबर, PPO विवरण साझा न करें।
- बैंक, सरकार, पुलिस या रेलवे कभी किसी भी कॉल/वीडियो कॉल पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।
- किसी संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर करें।
पुलिस का बयान
कटनी पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव और पीड़ितों के धन की सुरक्षा ही उनकी प्राथमिकता है। लगातार अभियान चलाकर जालसाजों को पकड़ा जा रहा है। यह सफलता पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।


