कटनी/उमरियापान। ग्राम पंचायत बम्हनी के अंतर्गत आने वाले गांव मंडेरा में रविवार देर शाम एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहां अज्ञात लोगों ने एक किसान के खेत में रखी धान की फसल के गल्ले में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और किसान सोनेलाल हल्दकर की लगभग दो से ढाई एकड़ में तैयार रखी फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस घटना से किसान परिवार के साथ पूरे गांव में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
मंडेरा निवासी किसान सोनेलाल हल्दकर ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण खेत गीले थे, जिस वजह से धान की कटाई हार्वेस्टर से नहीं हो पाई। मजबूरी में मजदूरों की मदद से फसल की कटाई की गई और धान को खेत में ही गल्ले के रूप में इकट्ठा कर रखा गया था, ताकि जल्द ही थ्रेसर से गहाई की जा सके। किसान ने बताया कि यह फसल उनके पूरे परिवार की मेहनत और उम्मीदों का सहारा थी, जिसे वह पूरे मौसम भर दिन-रात मेहनत करके तैयार कर पाए थे।
रविवार की शाम करीब 7 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फसल के गल्ले में आग लगा दी गई। घटना इतनी अचानक हुई कि जब तक ग्रामीण एकत्रित होकर मौके पर पहुंचे, तब तक आग तेज़ी से फैल चुकी थी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर काफी मशक्कत के साथ आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक फसल का अधिकतर हिस्सा राख में बदल चुका था। ग्रामीणों की मदद और प्रयासों के बावजूद किसान की पूरी मेहनत चंद मिनटों में ही जलकर खत्म हो गई।
किसान सोनेलाल ने बताया कि यह फसल उनकी सालभर की आय का प्रमुख स्रोत थी। पूरे परिवार ने कड़ी मेहनत, पसीना और उम्मीद के साथ फसल तैयार की थी, लेकिन आग की इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। खेत की जुताई से लेकर बुआई, सिंचाई, खाद, मजदूरी और कटाई तक, किसान ने अपनी कमाई का हर एक पैसा इस फसल पर लगाया था। उन्होंने बताया कि इस नुकसान से उबरना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। अज्ञात लोगों द्वारा की गई इस हरकत से न सिर्फ किसान का आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और किसान को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
फिलहाल घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है, और जांच की तैयारी की जा रही है। किसान परिवार और गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाया जाएगा और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।
किसान सोनेलाल की मेहनत और सपनों को राख में बदल देने वाली यह घटना गांव के हर व्यक्ति को झकझोर गई है। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए यह नुकसान सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि भावनात्मक आघात भी है।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


