ईश्वर ने अगर किसी को कमजोर बनाया है तो दोगुनी ताकत भी दी है — यही साबित किया है राहुल और उसके भाई ने।
दोनों भाई न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को बहाना न बनाकर अपनी तक़दीर खुद लिखी
फूड डिलीवरी जॉब से बदल दी जिंदगी
दोनों भाई एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करते हैं।
रेटिंग — 5 में से 4.9
महीने की कमाई — 30 से 40 हजार रुपये
टेक्नोलॉजी ने इनके लिए रास्ता आसान कर दिया —
मैप से लोकेशन ट्रेस
मोबाइल से ही कस्टमर को मैसेज
ऑनलाइन पेमेंट
कहीं भी बोलने-सुनने की जरूरत नहीं।
ग्राहक भी रह जाते हैं हैरान
डिलीवर लेने वाले क्षितिज सक्सेना बताते हैं —
राहुल ने जब खाना डिलीवर किया, तो बिल्कुल भी एहसास नहीं हुआ कि वो दिव्यांग हैं। उन्होंने ऐप से कॉन्टैक्ट किया और पेमेंट भी ले लिया — हर काम परफेक्ट!
सीख हर किसी के लिए
परेशानियों के सामने हार मानने वाले बहुत हैं…
लेकिन हार को हराने वाले ऐसे लोग नाम रोशन कर जाते हैं।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


