रीठी सरकारी अस्पताल के पदाधाधारी कर्मचारी अपनी अपनी जिम्मेदारियां का निर्वाह कर रहे हैं l चाहे बीसीएम हो बीपीएम हो, पोषण पुनर्वास केंद्र अधिकारी हो, लैब टेक्नीशियन इंचार्ज हो, बी प्रभारी हो या फिर आरकेएस का पद या जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान करने वाले बाबू हो सभी बखूबी निभा रहे है
और अपने अपने कार्यक्षेत्र के कर्मियों से मिलीभगत कर स्वस्थ्य सेवाओं को पतीला लगाने मैं कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं l
क्योंकि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में लगभग 17 आरोग्य केंद्र खोले गए है जिनमें से अधिकतर केंद्रों में हमेशा ताला लगा पाया जाता है l और सीएचओ नारदत रहते इस संबंध में जब बीपीएम लक्ष्मी चतुर्वेदी से बात की जाती है तो उनसे गोलमोल जवाब की प्रतिक्रिया मिलती है l जिससे यह प्रतीक होता है कहीं ना कहीं को और बीपीएम से सभी कृपा पात्र है l
वही जब आज 14 नवंबर को बाल दिवस जब पूरे देश में मनाया जा रहा है तब दोपहर 1:00 बजे तक अमगवा आरोग्य केंद्र में ताला लगा रहा l बीपीएम लक्ष्मी चतुर्वेदी से जानकारी लेने पर बताया गया कि वह फील्ड पर है परंतु जब सूत्रों से पता किया गया तो वह कहीं फील्ड पर किसी की नजर नहीं आई l इससे यह प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं अधिकारियों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है । उसके बाबजूद भी रीठी बीएमओ डॉक्टर मेघेंद्र श्रीवास्तव को भी विभाग मैं होने वाली कार्यप्राणली की जानकारी होने के बावजूद भी कोई ठोस कदम न उठाया जाना कही न कही उनको भी सवालों के घेरे में लाकर खड़ा करता है ।
हरिशंकर बेन


