कटनी जिले का रीठी सरकारी अस्पताल से हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले बाबू रवि शाह हमेशा से ही सुर्खियों मैं बने रहे हैं और विभागीय अधिकारी भी उनकी कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ हैं। फिर भी कोई भी कार्यवाही ना होना ऐसे मैं उच्च अधिकारियों को भी सवालों के घेरे लाकर खड़ा कर देता है ।
आपको बता दे कि
जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही मां को दिया जाएगा, यह एक आधिकारिक आदेश भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने 12 जून 2025 को यह निर्देश जारी किया गया था l ताकि जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और सुविधाजनक किया जाए और यह आदेश माताओं और नवजात शिशुओं के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि उन्हें अब जन्म प्रमाण पत्र के लिए अलग से बाबुओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उसके बावजूद भी आदेशों को दर किनार करते हुए जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले बाबू रवि शाह हितग्राहियों को भटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे । अधिकतर सरवर का बहाना बना डिलीवरी के बाद महिलाएं बिना जन्म प्रमाण पत्र लिए बगैर घर चली जाती है।
और फिर शुरू होता है उनको गोल गोल चक्कर कटवाने का खेल,और यह खेल तब तक खेला जाता है जब तक पीड़ित परेशान होकर खुद चड़ोत्री न चढ़ा दें । यदि ज्यादा चढ़ी तो ठीक है l और यदि कम चढ़ी तो जानबूझकर स्पेलिंग ,नाम या जाति को गलत तरीके से अंकित कर दिया जाता है ।
यह सारी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही न होने पर, ऐसे कर्मचारियों के हौसले बुलंद है ।शायद यह कि सभी को अपना कमीशन समय पर मिल रहा होगा ।आम जनता का क्या,,,? वह तो होती ही है परेशानियों मैं घिरे रहने के लिए,,,,।
हरिशंकर बेन,,


