रिपोर्टर : हेमंत सिंह
📍 कटनी: जिले के चर्चित उद्योगपति गोयनका से जुड़ा एक गंभीर वन्यजीव अपराध सामने आया है।
सूत्रों के मुताबिक, वन परिक्षेत्र सिहोरा के अंतर्गत हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के ग्राम घुघरा स्थित एम. गोयनका निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के फार्म हाउस में तेंदुए के शिकार का मामला उजागर हुआ है।
जानकारी के अनुसार, फार्म हाउस परिसर में जेसीबी से खुदाई कर तेंदुए के अवशेष निकाले गए, लेकिन वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इसे “जंगली सूअर” का मामला बताकर पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि शिकार के पुख्ता सबूत मौजूद हैं — जानवर की हड्डियाँ, खाल के टुकड़े और खून के निशान बरामद हुए हैं। इसके बावजूद वन विभाग ने फार्म हाउस मालिक को क्लीन चिट देते हुए केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तेंदुए के शिकार का मामला साबित होता है, तो यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का गंभीर उल्लंघन है। इस अपराध में सात साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
वहीं, विभागीय अधिकारी कोई स्पष्ट बयान देने से बच रहे हैं, जबकि अंदरूनी सूत्रों के अनुसार “ऊपर से दबाव” के कारण जांच प्रभावित हो रही है।
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🟠 मुख्य सवाल उठते हैं:
जब मौके से तेंदुए के अवशेष मिले, तो रिपोर्ट में जंगली सूअर क्यों लिखा गया?
क्या वन विभाग ने प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में काम किया?
आखिर असली शिकारी कौन — कर्मचारी या मालिक?


