कालापीपल(बबलू जायसवाल) संघ अपने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन को लेकर राष्ट्र निर्माण में अहरनिष लगा है,संघ की स्थापना से लेकर शताब्दी तक अनेक उतार चढ़ाव लेकर आगे बढ़ा है,अपने प्रारंभिक दौर में संघ ने उपहास सहा,फिर प्रतिबंध झेलते हुए आज विराट वट वृक्ष रूप में उभर कर सामने आया है।
आज संघ विश्व के अनेक देशों में अपने निहित लक्ष्यों को लेकर कार्य कर रहा है,संघ के दर्जनों आनुषंगिक संगठन विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है,परम पूज्य डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी ने विजयादशमी के दिन 1925 में संघ की स्थापना नागपुर के मोहिते के बाड़े में 17 स्वयंसेवकों के साथ की जो कि आज समाज के हर क्षेत्र में अपने आनुषंगिक संगठनों के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है,शताब्दी वर्ष में संघ पञ्च परिवर्तन को लेकर समाज निर्माण में रत है,कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता,नागरिक शिष्टाचार,स्वदेशी का भाव, पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों पर समाज को जागरूक कर रहा है।विजयादशमी उत्सव से प्रारंभ होकर आगामी वर्ष में प्रमुखजन गोष्ठी,गृह गृह संपर्क,विशाल हिन्दू सम्मेलन,युवा सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों से समाज में जनजागरण कार्य से सामाजिक समरसता हेतु कार्य करेगा।
उक्त विचार चाकरोद मंडल संचलन के अवसर पर मुख्य वक्ता शाजापुर जिला सेवा प्रमुख, मुकेश जी सक्सेना ने अपने उद्बोधन में व्यक्त किए।
प्रातःकाल मंडल के सभी 11 गांवों के स्वयंसेवक गणवेश में एकत्र होने लगे।प्रातः9 बजे संपत के साथ ध्वज प्रणाम के प्रार्थना की गई।
उद्बोधन पश्चात सभी स्वयंसेवक परम पवित्र भगवा ध्वज के साथ घोष की थाप पर कदम से कदम मिलाते हुए गांव की गलियों से निकले तो बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के साथ मातृशक्ति एवं समाजजन उलस्थित रहे,
इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के सेवानिवृत प्रधानाचार्य कृष्णवल्लभ पाटीदार मुख्य अतिथि एवं मंडल कार्यवाह मनीष महेश्वरी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य हो कि खण्ड के सभी 13 मंडलों एवं नगर में पथ संचलन निकलना तय है,अभी तक 6 मंडलों का।संचलन निकल चुका है,आगामी 12 अक्टूबर को नगर का विशाल पथ संचलन सायं 4 बजे निकलना है जिसमें सभी समाजजन को संचलन देखने एवं उद्बोधन सुनने हेतु आह्वान किया जाता है।


