भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम का आयोजन कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरी स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन और टीबी मुक्त भारत को गति प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर किया गया । जहाँ महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, परामर्श और मुफ्त दवाएंया प्रदान एवम अन्य बीमारियों की रोकथाम करना और उन्हें सशक्त बनाना है, जिससे परिवार और राष्ट्र मजबूत बन सकें।
परंतु इतने महत्वपूर्ण अभियान शिविर होने के बावजूद भी रीठी बीएमओ डॉक्टर मेघेंद्र श्रीवास्तव शिविर आयोजन में नहीं पहुंचने का कारण क्या है यह एक विचारणीय विषय है l
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि समय से रीठी मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश नरेंद्र सिंह, मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राज सिंह ठाकुर और कर्मचारी उनका इंतजार करते-करते थक गए,परंतु वो नही आए ,जिनको आना चाहिए था ।
अब आप ही विचार करे कि जब इतने महत्वपूर्ण अभियान में बीएमओ अनुपस्थित रहेl तो जरा सोचिए कि इमरजेंसी मैं मरीजों का इलाज यहां केसे होता होगा । समय पर उसको इलाज न मिलने से उसकी जान भी जा सकती है । इसका जिम्मेदार कौन होगा,,,,,?
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अधिकारियों ने कई बार दूरभाष से संपर्क किया परंतु उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया । वही कार्यक्रम मैं आई हुई कमी की पूर्ति हेतु रीठी सीईओ ने कमान संभालते हुए स्वयं के खर्चों से पूर्ति की l जो यह अधिकारी की गरिमा को चार चांद लगाता है। लेकिन एक जिम्मेदार अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारियां से मुंह मोड़ लिया ।
वही आयोजन शिविर मैं बीएमओ की अनुपस्थिति में कर्मचारी,सीईओ और मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्यक्रम को सफल बनाते हुए कहा कि नारी स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा है। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र का आधार है।” उन्होंने महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, महावारी स्वच्छता, प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल पर विशेष ध्यान देने की अपील की ।
अब देखना यह है कि ऐसी स्थिति जिला स्वास्थ्य अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं,,।
हरिशंकर बेन


