भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हितों की रक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि संबल योजना अथवा निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल योजना में पंजीयन या आर्थिक लाभ के लिए गलत तथ्य या भ्रामक जानकारी देने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने सोमवार को जानकारी दी कि शासन का उद्देश्य केवल वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को ही योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि “पात्रता के विपरीत पंजीयन कराने या लाभ लेने का प्रयास न केवल योजनाओं को कमजोर करता है, बल्कि अन्य वास्तविक श्रमिकों के अधिकारों का भी हनन करता है।”
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पंजीयन अथवा लाभ प्राप्त करने के लिए केवल सही एवं सत्य जानकारी ही प्रस्तुत करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या मिथ्या विवरण पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।


