मध्यप्रदेश सरकार ने “एक बगिया मां के नाम” परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। इस परियोजना के तहत महिलाओं की निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।
*प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:*
– *लक्ष्य:* 31,300 महिलाओं को लाभान्वित करना और 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाना।
– *लाभार्थी:* स्व-सहायता समूह की महिलाएं जिनके पास न्यूनतम 0.5 या अधिकतम 1 एकड़ जमीन है।
– *सुविधाएं:* पौधे, खाद, कटीले तार की फेंसिंग, 50 हजार लीटर जल कुंड निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
– *निगरानी:* ड्रोन और सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पौधरोपण की निगरानी की जा रही है।
*क्रियान्वयन में आगे वाले जिले:*
– सिंगरौली: 571 महिलाओं को स्वीकृति मिली, लक्ष्य 300 था।
– खंडवा: 1187 महिलाओं को स्वीकृति मिली, लक्ष्य 700 था।
– रायसेन: 1178 महिलाओं को स्वीकृति मिली, लक्ष्य 700 था।
– देवास: 751 महिलाओं को स्वीकृति मिली, लक्ष्य 600 था।
अब तक 15,377 महिलाओं को फलोद्यान की बगिया करने की स्वीकृति मिल चुकी है और पौधे लगाने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है ¹.


