महापौर, निगमाध्यक्ष और निगम आयुक्त ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करने किया आग्रह
कटनी (5 सितंबर) – निगमायुक्त श्री नीलेश दुबे नें शनिवार 6 सितंबर को नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन एवं चल समारोह की कार्य व्यवस्थाओं को पूर्ण कराने हेतु उपायुक्त शैलेष गुप्ता को प्रभारी अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त करते हुए इनके निर्देशन एवं मार्गदर्शन मे गठित दल को नगर के 11 चिन्हित घाटों में निर्मित कृत्रिम कुंडों में गणेश प्रतिमा विसर्जन की कार्यवाही कराने के निर्देश दिए है।
कृत्रिम कुंड में होगा प्रतिमाओं का विसर्जन करने अधिकारी कर्मचारी तैनात
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण भोपाल की गाइडलाइन के परिपालन में निगमायुक्त श्री नीलेश दुबे के निर्देश पर निगम प्रशासन द्वारा नगर के चिन्हित 11 विसर्जन घाटों में कृत्रिम कुंडों का निर्माण कर लगभग पूर्णतः की ओर है। निगमायुक्त श्री दुबे द्वारा सफलतापूर्वक प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु नगर निगम के 140 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई है।
विसर्जन स्थल गाटरघाट का प्रभारी सहायक यंत्री श्री सुनील सिंह को नियुक्त किया जाकर इनके साथ उपयंत्री अश्विनी पाण्डेय, समयपाल पंकज निगम सहित 13 अन्य अधिकारी कर्मचारियों को संलग्न किया गया है। वहीं पीरबाबा निवार नदी एवं हनुमान घाट के दोनों ओर प्रतिमा विसर्जन हेतु सहायक यंत्री अनिल जायसवाल एवं उपयंत्री पवन श्रीवास्तव के साथ 16 कर्मचारियों के दल की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं विसर्जन स्थल मोहन घाट, मसुरहा घाट, माई नदी, बाबा घाट, छपरवाह घाट, विलगवां घाट, सिमरार नदी रपटा जुहला, बजरंग कॉलोनी तट एवं ट्रांसपोर्ट नगर तालाब में भी प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु अलग अलग प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये जाकर 10-10 कर्मचारियों के दल को संलग्न किया गया है।
नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग का आग्रह
महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, नगर निगम अध्यक्ष श्री मनीष पाठक एवं आयुक्त श्री नीलेश दुबे ने नगर की गणेश प्रतिमा समिति के पदाधिकारियों एवं नागरिकों से चिन्हित विसर्जन कुंडों में ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने, प्रतिबंधित घाटों में प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करनें तथा चलित सुसज्जित वाहन के कृत्रिम कुंड में सुविधापूर्ण तरीके से प्रतिमाओं का विसर्जन का लाभ प्राप्त कर पर्यावरण संरक्षण में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करनें का आग्रह किया है।


