रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। धर्म आराधना तप आराधना का महापर्व पर्यूषण पर्व जैन समाज द्वारा भक्ति पूर्वक मनाया जा रहा है। श्रृषि पंचमी से अंनत चतुर्दशी तक दस दिवसीय पर्व पर जैन श्रावक तप आराधना कर उनके द्वारा जाने अनजाने में किये गये कर्मों की निर्जरा करते हैं। श्री 1008 पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर में सांगानेर तीर्थ संस्थान से पधारे विद्वान आयुष भैया जी के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान कर पर्व मनाया जा रहा है। प्रातः दिव्य मंत्र द्वारा अभिषेक शांति धारा के उपरांत दस दिवसीय दस लक्षण विधान का आयोजन किया जा रहा है। दोपहर में संस्कार शिविर एवं संध्या को मंगल आरती, प्रवचन के उपरांत सांस्कृतिक आयोजन होते हैं।
समाज अध्यक्ष संतोष जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व जैन धर्म का दस दिवसीय आध्यात्मिक चिंतन और त्याग का सबसे बड़ा पर्व है। यह श्वेतांबर और दिगंबर दोनों जैन धर्मावलंबियों द्वारा मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद (अगस्त- सितंबर) माह में मनाया जाता है।पर्यूषण पर्व मनाने का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध बनाने के लिए आवश्यक उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना होता है। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ मुन्ना लाल जैन, डॉ आरके जैन, प्रवीण जैन, डॉ प्रदीप जैन, एनसी जैन, अरुण जैन, विकास जैन, आलोक जैन, सचिव अभिषेक जैन, निर्दोष जैन, रत्नेश जैन, नीरज जैन, महावीर जैन, प्रंशात जैन, संदेश जैन राजा जैन, वीरेश जैन, आशीष जैन, संजय जैन,अपूर्व जैन इत्यादि मौजूद रहे।


