कालापीपल(बबलू जायसवाल)शासन के निर्देश अनुसार कालापीपल थाने पर सभी निजी स्कूलों संचालकों को बुलाकर मीटिंग रखी गई थी,जिसमें एसडीओपी निमेष देशमुख,थाना प्रभारी मनोहर सिंह जगेत,उपनिरीक्षक रवि भंडारी ने सभी निजी स्कूल संचालकों को स्कूल में जो खामियों है उन्होंने सात दिवस के अन्दर पूरा करने का समय दिया था,सात दिन पूर्ण हो चुके हैं,अब पुलिस सदन चेकिंग अभियान चलाकर स्कूल वाहनों पर कार्यवाही करेंगी या रस्म अदायगी कर भूल जाएगी”यह दिए गए थे विशेष निर्देश”
सड़क पर बच्चों को बैठाएंगे तो कार्रवाई”
यदि स्कूल बस,वैन,ऑटो,ई-रिक्शा एवं अभिभावकों की कार से स्कूल के बाहर सड़क पर बच्चों को छोड़ेंगे एवं बैठाएंगे तो कार्यवाही जाएगी,स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को लेने एवं छोड़ने वाले वाहन संस्थान के सामने सड़क पर खड़े होते हैं।स्कूल बस,वैन एवं रिक्शा अवकाश के समय से पहले स्कूल के बाहर सड़क पर खड़े हो जाते हैं,जब अवकाश होता है तो बच्चों को सड़क पर ही वाहन में बैठाते है,जिससे यातायात अवरुद्ध होता है।
“स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग भी जारी है”
स्कूल के छात्र-छात्राओं का परिवहन करने वाले वाहनों को ओवरलोडिंग न करने की चेतावनी दी गई है।ओर हिदायत दी गई थी कि समस्त मापदंडों और स्वीकृति के साथ ही वाहन सड़क पर उतारने के निर्देश दिया था,
“नगर के निजी स्कूलों की बसें पुलिस की नजरों में शासन के निर्देश अनुसार क्वालिफाइड है क्या ? जैसे वाहन में गति मापक यंत्र,अग्निशमन यंत्र,फर्स्टएड बॉक्स अनिवार्य है,प्रत्येक स्कूल बस एवं वैन पर स्कूल का नाम,पता एवं स्पष्ट अक्षरों में फोन नंबर अंकित हो।


