छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड सुसरई गाँव के मेहनती और दूरदर्शी कृषक श्रीभान सिंह रघुवंशी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही तकनीक और सरकारी योजनाओं का समावेश हो, तो खेती भी एक लाभदायक और समृद्ध व्यवसाय बन सकती है। वर्ष 2024-25 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उठाकर मिनी स्प्रिंकलर प्रणाली को अपनाया और उन्हें केवल कुछ ही महीनों में शानदार नतीजे हासिल हुए ।
बूंद-बूंद पानी से बढ़ा फायदा- चार एकड़ जमीन पर लगाए गए इस मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम ने सिंचाई की पारंपरिक चुनौतियों को काफी हद तक कम कर दिया। श्री रघुवंशी ने पूरे खेत में लहसुन की फसल बोई और सिंचाई के लिए इस आधुनिक प्रणाली का उपयोग किया। इसका नतीजा यह रहा कि पानी की काफी बचत हुई, और साथ ही मजदूरी पर होने वाला खर्च भी कम हो गया।
गुणवत्ता भी बढ़ी, उत्पादन भी- श्री रघुवंशी ने बताया कि स्प्रिंकलर तकनीक के उपयोग से न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई बल्कि पैदावार में भी अच्छा खासा इज़ाफा हुआ। उन्होंने सिर्फ एक एकड़ लहसुन की फसल से ही 8 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त की, जो अपने आप में एक मिसाल है।
इस वर्ष का विस्तार और सफलता- पिछले वर्ष की सफलता से प्रेरित होकर, इस वर्ष उन्होंने दो एकड़ में लहसुन और दो एकड़ में आलू की फसल लगाई। दोनों फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन इस बार भी बेहतरीन रहे और उन्हें 8 लाख रूपए से अधिक की आय प्राप्त हुई। वे अन्य किसानों को भी शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


