रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में शराब विक्रय सहित मांस के खुले में विक्रय पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। मां नर्मदा के घाट से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। उसके बावजूद नगर में शराब का अवैध कारोबार रसूखदारों के संरक्षण में बेखौफ चल रहा है। वही रसूखदारों के ढाबों और होटल में मिलीभगत से बेधड़क शराब परोसी जा रही है। दूसरी तरफ एसडीओपी पराग सैनी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली पुलिस निरंतर अवैध शराब पर कार्यवाही कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर 20 फरवरी की रात 10:45 पर ईदगाह रोड स्थित शिवहरे फार्म हाउस आकाश रेस्टोरेंट में बिठा कर शराब पिलाई जाने की सूचना पर छापामार कार्यवाही की गई हैं। कारवाही की खबर के बाद शहर में हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना एसआई शरद बर्डे ने बताया कि आकाश रेस्टोरेंट शिवहरे फार्म हाउस ईदगाह रोड वार्ड 32 पर 20 फरवरी की रात कार्रवाई की गई है। जिसमें आरोपी अनुज शिवहरे द्वारा ग्राहकों को बिठाकर शराब पिलाई जा रही थी। ब्लेंडर प्राइड की एक खुली बोतल खुली जप्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ यह भी सवाल खड़े होते हैं कि प्रदेश सरकार के जवाबदार आबकारी विभाग द्वारा शासन से पूरी सुविधा लेने के बावजूद भी अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार पर कार्यवाही ना कर पाना बड़े सवाल खड़े करता है? जब प्रदेश सरकार यहां पर शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगा चुकी है तो फिर विभाग क्यों नहीं अंकुश लगा पा रहा? अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार को लेकर सड़क पर दो पहिया वाहन पकड़ कर शराब तो पकड़ी जाती है, परंतु इस बात का खुलासा नहीं किया जाता है कि पकड़ी गई उक्त अवैध शराब किस शराब दुकान अथवा ठेकेदार से सप्लाई के लिए ली गई है पर भी सवाल है? होटल और ढाबों में लगे सीसीटीवी कैमरा की जांच हो तो पूरा मामला भी सामने आ जाएगा? कार्यवाही सिर्फ रोजनदारी वाले सप्लायर व्यक्ति पर नजर आती है? वहीं पुलिस विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर पिछले दिनों फोर व्हीलरों से पकड़ी गई अवैध शराब के लिए भी आबकारी विभाग को पत्र लिखा गया है कि उक्त शराब किस ठेकेदार अथवा दुकानदार को सप्लाई हुई है जिसका जवाब आज भी अज्ञात है?


