रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। रेत के अवैध कारोबार को लेकर होशंगाबाद से नर्मदापुरम बन चुका जिला हमेशा ही सुर्खियों में बना रहता है। सरकार से करोड़ों का रेत ठेका लेने वाली कंपनियां माफियाओं की दहशत से परेशान होती हैं। आए दिन रेत के अवैध उत्खनन परिवहन को लेकर माफियाओं सहित गुर्गों द्वारा लड़ाई झगड़े की घटनाएं सामने आती रही हैं। शनिवार को शासन से करोड़ों का ठेका लेने वाली रेत कंपनी के पवारखेड़ा बायपास रोड पर स्थित ऑफिस में रेत चोरों द्वारा दिनदहाड़े हमला कर दिया गया। घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर आने के बाद हड़कंप मच गया था। इस घटना ने साबित कर दिया कि रसूखदार रेत चोरों पर पुलिस प्रशासन का खौफ नहीं रह गया है ? घटना की जानकारी के लिए मीडिया द्वारा फोन लगाए जाने पर देहात थाना टीआई द्वारा फोन कॉल नहीं उठाए जाने पर पुलिस अधीक्षक को उक्त घटना की जानकारी मीडिया द्वारा दी गई। वहीं घटना की सूचना के बाद देहात थाना प्रभारी पुलिस बल सहित घटनास्थल पर पहुंचे थे, जो देर शाम तक घटनास्थल पर ही
मौजूद रहे। उक्त घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई। दूसरी तरफ घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हुई , जिसमें कई हमलावर भी दिखे और एक थार गाड़ी भी घटना स्थल पर नजर आई, जिसमें हमलावर आए थे। घटना के पीछे जासलपुर से एक अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली को ठेका कंपनी कर्मचारियों द्वारा पकड़े जाने के बाद हुए विवाद के बीच कंपनी के रेत रॉयल्टी दफ्तर पर बड़ी संख्या में आए लोगों द्वारा पथराव सहित हमले की घटना होना बताया जा रहा है। जिसकी पुष्टि घटना के दिन कंपनी मैनेजर रूपेश पेठे द्वारा भी की गई थी। जो घटना के दौरान ऑफिस में उपस्थित नहीं थे सूचना मिलने के बाद वह भी ऑफिस पहुंचे। इस घटना में एक पक्ष डोंगरवाड़ा के सरपंच माखन कीर के भाई अशोक कीर द्वारा देहात थाने में रेत कंपनी के चार अज्ञात कर्मचारियों पर प्रकरण दर्ज कराया गया है। बताया गया कि अशोक अपने भतीजे मोटा के साथ बाइक से सुबह 10:30 बजे कुलामढ़ी रोड से पवारखेड़ा बाईपास से निकल रहे थे, तभी रेत रॉयल्टी ऑफिस के सामने से डंपर स्पीड में बाइक के बाजू से निकला जिससे हम गिरते गिरते बचे । बाद में हमने रॉयल्टी ऑफिस में जाकर डंपर ड्राइवर से गाड़ी धीमी चलाने को कहा तो कंपनी के चार कर्मचारी आए और डंडों से मारपीट करने लगे। वही इस मामले में दूसरा पक्ष रेत कंपनी कर्मचारी योगेश पिता सतीश शर्मा ग्राम नंदपुरा मुरैना की शिकायत पर आरोपी माखन कीर ,जीतू कीर ,अशोक कीर, गोविंद कीर निवासी डोंगरवाड़ा के खिलाफ बीएनएस की धारा रेत रॉयल्टी ऑफिस में घुसकर गाली गलौज, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी, तोड़फोड़ किए जाने सहित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ भारी दबाव के बीच देहात पुलिस पूरी जानकारी देने से कार्यवाही की बात कहकर बचती रही। बताया जाता है कि देहात थाने में बिना रॉयल्टी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली सहित घटना में प्रयुक्त काले रंग की थार गाड़ी को भी पकड़कर थाना परिसर में खड़ा कराया था।18 जनवरी शनिवार शाम को घटना में प्रयुक्त काले रंग की थार गाड़ी जिसके ऊपर ZIWA लिखा और गाड़ी के पीछे नबर प्लेट के स्थान पर KEER लिखा को देहात पुलिस ने पुलिस अभिरक्षा में लिया था लेकिन देर रात थाने से गाड़ी गायब हो गई। जिसके बाद मामला गर्मा गया कि पुलिस ने किसके दबाव में उक्त काले रंग की थार गाड़ी को छोड़ा, जब छोड़ना था तो फिर पकड़ा क्यों ? और थाने से कौन छुड़ाकर ले गए ? बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं ? उक्त संबंध में एसडीओपी पराग सैनी से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है, वह जानकारी लेंगे। यदि थार गाड़ी को थाने में अभिरक्षा में लिया गया तो फिर कैसे जाने दी गई, इसकी जांच कराएंगे।


