रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। कलेक्टर सोनिया मीना ने बुधवार को जिले में संचालित मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत बैहराखेडी, तथा ग्राम पंचायत आमूपुरा के शिविरों का, आंगनबाड़ी केंद्रों, शालाओं का तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाली जन समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। साथ ही, पात्र हितग्राहियों के आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि “मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान का उद्देश्य आम जनता को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कलेक्टर सोनिया मीना ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यह सुनिश्चित करें कि किसी भी शिविर से कोई भी अव्यवस्था की शिकायत न आए। सभी अधिकारी जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिविरों में आने वाली सभी समस्याओं का निस्तारण समय सीमा के भीतर करें। उन्होंने कहा कि शिविरों में पारदर्शिता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है।
कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत बैहराखेडी पहुंच कर शासकीय शालाओं, शिविरो का निरीक्षण किया तथा शासन की योजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने सर्वप्रथम शासकीय माध्यमिक शाला बैहराखेडी का निरीक्षण कर उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। कलेक्टर ने शाला की छठवीं कक्षा की छात्रा पूर्वी से बात की, उन्होंने स्कूल के टाइम टेबल का भी परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शाला में मध्यान भोजन के लिए दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता के संबंध में बच्चों से तथा उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली। कलेक्टर को अपने बीच उपस्थित देखकर बच्चों ने भी पूरे उत्साह से कलेक्टर को अपने पसंदीदा शिक्षक के बारे में बताया तथा उन्होंने यह भी बताया कि नव वर्ष के दौरान उन्होंने क्या-क्या संकल्प लिए हैं। कक्षा छठवीं के छात्र प्रवीण ने बताया कि उन्होंने संकल्प लिया है की वे पढ़ाई में और ज्यादा ध्यान दूंगा तथा माता पिता को कभी भी परेशान नहीं करूंगा। एक अन्य छात्र ने बताया की उनका सपना है पढ़ाई कर के देश सेवा करने के लिए पुलिस अधिकारी बनना। इस दौरान बच्चों ने कलेक्टर को विद्यालय की अन्य समस्याओं के संबंध में भी अवगत कराया। कक्षा आठवीं की छात्रा खुशी ने बताया कि स्कूल में पेयजल की समस्या है जिस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत नर्मदापुरम को निर्देशित किया है कि आगामी एक सप्ताह के भीतर स्कूल में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा व्यवस्था होने के उपरांत इसकी सूचना जिला कार्यालय में दी जाए। कलेक्टर ने छात्र की शुद्ध पाठ एवं बिना झिझक के अपनी समस्या बताने के लिए प्रशंसा भी की। इसी के साथ कलेक्टर ने कक्षा छठवीं की छात्रा को साइकिल की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश डीपीसी नर्मदापुरम को दिए। कलेक्टर ने सभी छात्र-छात्राओं को कहा कि सभी रोजाना स्कूल आए तथा खूब पढ़ाई करें।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत बैहराखेडी में संचालित जनकल्याण शिविर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अब तक आए आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व महा अभियान 3.0 के प्रगति की भी समीक्षा भ्रमण के दौरान की। पंचायत सचिव एवं पटवारी द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि अभी तक जनकल्याण शिविर में प्राप्त हुए आवेदनों में किसान सम्मन निधि, आयुष्मान योजना, बटवारा आदि के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार राजस्व महाभियां अंतर्गत भी नक्शा तरमीम, चकबंदी, सीमांकन सहित अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं के लगभग 545 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने तहसीलदार डोलरिया को निर्देशित किया है कि ग्राम में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान तथा राजस्व महा अभियान के प्रचार प्रसार के लिए मुनादी करवाई जाए साथ ही योजनाओं के लाभ से लोगों को जागरूक करने के लिए शासन की योजनाओं की जानकारी भी जनपद पंचायत की दीवारों पर चस्पा करवाई जाए। उन्होंने कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री, तरमीम आदि राजस्व कार्यो में पंचायत की प्रगति काफी कम है। पटवारी एवं सर्वेयर द्वारा इस संबंध में जानकारी दी गई की फार्मर रजिस्ट्री के लिए उपलब्ध वेबसाइट की कनेक्टिविटी काफी कम है जिसके कारण फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित हुआ है। इस संबंध में कलेक्टर ने सर्वेयर को सलाह दी है कि दिन में जिस समय वेबसाइट की कनेक्टिविटी सबसे अच्छी रहती है उसकी समय सारणी तैयार कर उसके अनुसार ही हितधारकों को बुला कर या उनके घर जाकर उक्त कार्य को किया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया है कि राजस्व महा अभियान की प्रगति पर विशेष ध्यान दें तथा ग्रामीणों को भी उक्त संबंध में उचित जानकारी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत में ही चौपाल लगाकर ग्राम वासियों से समस्याओं के संबंध में चर्चा की। ग्राम वासियों ने गरीबी रेखा के कार्ड, मुख्यमंत्री किसान सम्मान, पीएम आवास, आदि योजनाओं में लाभ उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का गहन निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी आवेदनों का संपूर्ण परीक्षण करने के उपरांत जो भी पात्र हितग्राही हैं उन्हें संबंधित योजनाओं में उचित लाभ दिलवाया जाए। ग्राम वासियों द्वारा अन्य समस्याओं के संबंध में भी कलेक्टर को अवगत कराया। ग्राम के कौशल कुमार दुबे ने विद्युत संबंधी समस्या कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि उनके आवास के निकट विद्युत पोल बहुत ही छोटे आकार के लगे हुए हैं जिसके कारण 33 केवी विद्युत लाइन आवास के बहुत ही निकट से गुजरती है जिससे हादसों का डर हमेशा बना रहता है। कलेक्टर ने विद्युत विभाग से उपस्थित अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। विभाग अगले 1 सप्ताह में इस समस्या के संबंध में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। इसी प्रकार ग्राम वासियों ने सामूहिक रूप से ग्राम के खेल मैदान का सीमांकन करवाते हुए वहां पर उचित सफाई व्यवस्था किए जाने के लिए तथा ग्राम में ही एक मंगल भवन के निर्माण करवाए जाने का प्रस्ताव भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया। ग्राम वासियों द्वारा गांव में सड़क नाली आदि की भी समस्या के संबंध में कलेक्टर को अवगत कराया गया कलेक्टर ने सभी की समस्याओं एवं आवेदनों को प्राप्त कर उनका समाधान समय सीमा का ध्यान रखते हुए किये जाने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री को निर्देशित किया है कि नल जल योजना के कारण जो भी सड़क क्षतिग्रस्त हुई है उनका रेस्टोरेशन कार्य शीघ्र पूरा करवाया जाए तथा गांव में जल आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। स्टॉप डैम की समस्या का भी समाधान लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग आगामी एक सप्ताह में सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। पंचायत द्वारा नवीन भवन निर्माण करवाए जाने के लिए कलेक्टर ने सरपंच को बधाई दी तथा उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की दीवारों पर बच्चों के रुचिकर चित्रों की पेंटिंग बनवाए जाने की सलाह भी दी। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की पोषण वाटिका का भी निरीक्षण किया।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत आमूपुरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जनकल्याण अभियान की प्रगति समीक्षा करते हुए उपस्थित सचिव एवं पटवारी से जनकल्याण अभियान एवं राजस्व महा अभियान अंतर्गत आए आवेदनों तथा उनके निराकरण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पंचायत सचिव एवं पटवारी द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि अभियान अवधि में कल 102 आवेदन आए हैं जिनमें भवन अनुज्ञा परिवहन आयुष्मान कार्ड पशुपालन विभाग स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आवेदनों की प्राप्ति हुई है तथा पंचायत द्वारा लगभग 94 प्रतिशत मामलों का निराकरण कर दिया गया है। कलेक्टर ने पटवारी को निर्देश दिए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री, आधार आर ओ आर लिंकिंग, पीएम किसान ईकेवाईसी के शेष बचे हुए हितग्राहियों की सूची पंचायत भवन पर चस्पा करवाई जाए। कलेक्टर ने कहा है कि जनकल्याण अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों से लाभान्वित हितग्राहियों को लाभ वितरण किए जाने के लिए शिविरों का आयोजन कर विधायकगणों, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी करवाया जाए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना अंतर्गत मिलने वाले लाभ के संबंध में उपस्थित ग्राम वासियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से आबादी भूमि पर पात्र लाभार्थियों को पट्टे उपलब्ध कराए जाते हैं। इसी के साथ कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की स्थिति की जानकारी भी ग्राम वासियों से ही प्राप्त की। ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र नियमित संचालित किया जा रहा है तथा प्रसूता महिलाओं को टीएचआर आदि भी समय पर मिल रहा है। ग्राम की महिलाओं द्वारा कलेक्टर को क्षेत्र में शराब एवं जुए से होने वाली समस्याओं से अवगत करते हुए आवेदन दिया गया। जिस पर से कलेक्टर ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि इस संबंध में शीघ्र ही जिला आबकारी अधिकारी, पुलिस विभाग आवश्यक कार्यवाही करेंगे। ग्रामवासी संजीव मांडवी द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर से आयुष्मान योजना अंतर्गत उनकी बीमारी के इलाज हेतु सहायता प्रदान करने के लिए निवेदन किया गया जिस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया है कि आवेदन करता की पात्रता का निर्धारण कर शीघ्र ही उन्हें आवश्यक लाभ दिलवाया जाना सुनिश्चित। इसी प्रकार ग्राम के ही अजय यादव द्वारा दुर्घटना के कारण चोटिल होने पर स्वास्थ सहायता प्रदाय करने के लिए कलेक्टर के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर सोनिया मीना द्वारा सभी आवेदन कर्ताओं से प्राप्त आवेदनों के संबंध में उचित कार्यवाही कर उनका निराकरण करने के लिए अधिकारियों को निर्देषित किया।


