भारत का संविधान हर किसी को समानता का अधिकार प्रदान करता है । और ना ही किसी में भेदभाव करने की अनुमति देता है । परंतु ऐसा ही कुछ मामला कटनी जिले के रीठी तहसील में देखने को मिला ।
जहां पर समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,महिला बाल विकास कार्यालय मैं एकत्रित होकर स्वास्थ्य विभाग के विरोध में, जमकर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली । और तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सोपा,
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ का कहना है कि 19 जून को पल्सपोलियो प्रशिक्षण में बी. सी. एम मेडम द्वारा आ.बा. कार्यकता और सहायिका से आशा कार्यकर्ता के बीच में मतभेद कराते हुये अभद्रता पूर्ण व्यवहार कर दोनो मैं वेतन का तकाजा करते हुए कहा कि हमारी आशाओं को 16 हजार वेतन मिलता है। तो हमारी आशा आपसे ऊपर हुई और आप लोग आशाओ से नीचे हो ।
यह है कि किसी भी प्रकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम में किसी भी छोटे कर्मचारियों को अपमानित नहीं किया जा सकता। स्वस्थ्य विभाग और महिला बाल विकास दोनो के सामंजस्य ही राष्ट्रीय कार्यक्रम किया जाता है परंतु इस तरह से कार्यकताओ के साथ बी.सी. एम.मेडम के द्वारा दुर्व्यवहार करने के कारण
सभी आ.बा.कार्यकर्ताओ मानसम्मन को ठेस पहुंची है। अतः बी.सी.एम.मेडम सार्वजनिक “तौर पर माफी मांगे नही तो हम सभी आ.बा कार्यकर्ता और सहायिका स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में सहयोग, बहिस्कृत करेंगे है।
हरिशंकर बेन


