• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Thursday, October 22, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश नर्मदापुरम

जीरो शैडो डे पर सारिका घारू का आयोजन – जीरो शैडो डे पर खास – काया के पैरो के नीचे थी साया जीरो शैडो डे पर खास – काया थी लेकिन छाया नहीं सिर के उपर आकर सूरज ने सीधी नजर से देखा भोपाल को सूरज से हुआ सामना भोपाल का – सारिका

by Manish Gautam Chiefeditor
June 14, 2024
in नर्मदापुरम
0
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर जाता दिखता सूर्य अपने अंतिम पड़ाव के 7 दिन पहले शुक्रवार (14 जून) भोपाल के ठीक उपर पहुंचा । इस कारण आमतौर पर तिरछी पड़ने वाली सूर्यकिरणें मध्यान्‍ह में ठीक लंबवत पड़ रही थी । इस कारण उंचे भवन, किसी खंभे, टॅावर तथा मनुष्‍य की छाया उसके आधार के नीचे बन रही थी । इससे लग रहा था कि छाया ने काया का साथ छोड़ दिया हो । खगोल विज्ञान की जीरो शैडो डे की इस घटना को समझाने नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बच्‍चों के साथ प्रयोग करके इसका विज्ञान समझाया ।

सारिका ने बताया कि इस घटना की तिथि इस बात पर निर्भर करती है कि उस स्‍थान का अक्षांश क्‍या है । भोपाल के लिये यह स्थिति प्रथम बार लगभग 14 जून के आसपास आती है । दूसरी बार 28 जून को यह स्थिति आती है । दोपहर के समय इन दो दिनों को छोड़कर बाकी दिन छाया की लंबाई कुछ न कुछ अवश्‍य रहती है । कर्क रेखा पर स्थित नगरों में यह 21 जून को होती है जिसमें उज्‍जैन शामिल है ।

सारिका ने बताया कि 23.5°N एवं 23.5°S डिग्री लैटिटयूड के बीच रहने पड़ने वाले शहरों में पूरे साल में दो दिन ऐसे आते हैं जबकि सूर्य दोपहर में ठीक सिर के उपर रहता है । इस समय किसी भी वस्‍तु की परछाई दिखना बंद हो जाती है , इसे जीरो शैडो डे कहते हैं ।

प्रयोग कैसे किया –

एक तीन फीट के पाईप को वर्टिकल खड़ा किया गया । दोहपर साढ़े बारह बजे के आसपास इसकी छाया पूरी तरह समाप्‍त हो गई । इसके अलावा सभी दर्शकों की परछाई भी उनके पैरों के नीचे बन रही थी ।

– सारिका घारू @GharuSarika

Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post

जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने मृतक सचिव के आश्रित को दी अनुकंपा नियुक्ति आदेश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.