रिपोर्टर : हेमन्त सिंह
कटनी : आपके द्वारा गोरक्षा संवाद पर गोशालाओं को दान की राशि बढ़ाई यह वर्ष गोरक्षा संकल्प वर्ष मनाने का निर्णय कर गोमाता (गोवंश) की रक्षा के संकल्पित हैं इसका विहिप गोरक्षा विभाग स्वागत करता है।
किन्तु गोरक्षा संकल्प के सरकार मंशा के विपरित गोवंश तस्करी तेज गति से बड़ी और गोतस्कर निडर होकर बड़ी संख्या में गोवंश तस्करी कर रहें ।
ज्ञात हो पिपल्यामण्डी 47 ट्रक गोवंश बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सहयोग से जप्त किया । सम्पुर्ण मध्यप्रदेश से गोवंश की तस्करी कर गोवंश को महाराष्ट्र, बंगाल ले जा रहे किसानों के नाम मांस व्यापारी गाडोल्या लोहार, भोलेभाले आदिवासीयों को चन्द रूपये देकर तस्करी करातें हैं। अभी तक का गोवंश कभी भी दक्षिण से उत्तर की ओर नहीं गया। बैल किसानों के लिये है न कि माँस मण्डी के लिए। देवास, उमरीया, रूणीजा, मंहू में जप्त गोमाँस से यह सिद्ध होता है कि मध्यप्रदेश में लोकल सल्लाट हाऊस में गोवंश का वध कर लोकल माँस की दुकानों पर बिक रहा है। मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिशोध अधिनियम की अवहेलना कर तस्कर सक्रीय है और पुलिस अनदेखी कर रही है। मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिशोध अधिनियम का सख्ती से पालन हो । मध्यप्रदेश 350 लगभग पशु मेला एवं हाट बाजार के माध्यम से यह सब तस्करी होती है। ऐसे पशु बाजार एवं मेले पर प्रतिबंध लगा कर नियम विरूद्ध भरा गया हो तो मेला समिति पर भी मध्यप्रदेश गोवंश प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाये। विहिप गोरक्षा विभाग निम्न प्रतिबंध की माँग करता है-
1. पशु बाजार/मेले बंद किये जाये ।
2. गोवंश तस्करी बंद हो ।
निरंतर
3. यदि मेले की चिट्ठी पर गोवंश नियम विरूद्ध गरा हो तो मेला समिति प तहत कार्यवाही की जाये । विध प्रतिषेध अधिनियम के
4. आबकारी के नियम जैसे नियम विरूद्ध गोवंश परिवहन पर वाहन राजसात अनिवार्य करे ।
5. जिस थाना क्षेत्र से तस्करी होती है, तो थाना प्रभारी को निलंबित किया जाये ।
6. एक से अधिक बार वाहन / गोतस्करी करते पकड़े जाने पर रासुका के तहत कायमी की जाये ।
7. 1962 संजीवनी पशु एम्बुलेंस को गोवंश के लिये 150 रू. शुल्क से मुक्त रखा जाये । 8. खेत की मेड़ पर लगने वाली झटका मशीन पर प्रतिबंध लगाया जाये ।
9. गोतस्करी रोकने में बलीदान / अंगविहिन होने पर गोभक्तों को गोसेवक सम्मान दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाये ।
10. गोशालाओं को भूमी आवंटन प्रक्रिया सरल कर तुरन्त भूमी आवंटन की जाये ।
11. गोशालाओं को 5 हार्स पॉवर का विद्युत कनेक्शन मुफ्त दिया जाये, न जनभागीदारी से गोशालाओं में निर्माण कार्य की अनुमती हो ।
12. स्वयंसेवी संस्थाओं को मनरेगा से मजदुर (सेवक) दिया जाये ।
13. गोचर भूमी – अतिक्रमण मुक्त की जाये ।
14. गोशालाओं द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, किटनियंत्रक को फर्टीलाजर्स एक्ट से बाहर किया जाये ।
15. गोशालाओं द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, किटनियंत्रक को शासन खरीद कर सहकारी संस्थाओं के माध्यम से बिक्री करे ।
16. गोउत्पाद को टेक्स मुक्त किया जाये ।
17. पशु जाँच चोकीयां स्थापित कि जाये ।
18. गोसमाधी स्थल का चयन कर सुरक्षित की जाये ।
19. प्रदेश में नवनिर्मित मनरेगा गोशाला को पूर्ण कर गोवंश रखा जाऐ ताकि बारिश में गोवंश सुरक्षित रह सके।
20. प्रत्येक गोपालक, जो कि घर में गोमाता की सेवा करता है, उसे प्रति गाय के हिसाब से प्रति माह 1200 रूपये गोवंदन राशि दी जाये ।


